केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि गरीब और असहाय वर्ग के कामगारों के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना लाभदायक साबित हो रही है। इसके लिए सरकार के उद्यम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। योजना के तहत स्वरोजगार करने वाले छोटे उद्यमी को बिना गारंटी के बैंक ऋण दे रहा है। देश में अब तक लगभग 5 करोड़ से अधिक लोग पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री मांझी ने कोटी काॅलोनी पहुंचकर टिहरी बांध क्षेत्र का भ्रमण किया।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी शुक्रवार को परिवार के साथ मसूरी से नई टिहरी पहुंचे। टीएचडीसी अतिथि गृह भागीरथीपुरम पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश नौटियाल और पार्टी पदाधिकारियों ने मंत्री का स्वागत किया। केंद्रीय मंत्री मांझी ने बताया कि वह निजी दौरे पर उत्तराखंड आए हैं।
उन्होंने कहा कि देहरादून में एक एमएसएमई टेक्नालॉजी सेंटर खुला है। धीरे-धीरे इन सेंटरों को अन्य जगहों पर खोलने का काम किया जाएगा। जिससे लोगों को सरकार और विभाग की योजनाओं की जानकारी मिल सके। देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र के बाद एमएसएमई सेक्टर का 31 प्रतिशत योगदान है। एमएसएमई आने वाले समय में पहाड़ी क्षेत्रों में स्वरोजगार में वरदान साबित होगा। एमएसएमई योजना के तहत पहाड़ में जंगली फल-फूल, अगरबत्ती, धूपबत्ती, बांस पर आधारित उद्यम, पत्तल उद्यम से स्थानीय युवा स्वरोजगार का काम कर सकते हैं।
मंत्री ने कहा कि देश में पीएम विश्वकर्मा योजना में 18 ट्रेड शामिल किए गए हैं। वर्तमान समय में उनके विभाग के माध्यम से 23 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रचार-प्रसार के अभाव में लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। योजनाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात करेंगे। इसे आगे बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा।
अपराह्न बाद केंद्रीय मंत्री ने परिजनों के साथ टिहरी बांध की झील का भ्रमण किया। इस मौके पर भाजपा महामंत्री उदय रावत, मंडल अध्यक्ष गोपीराम चमोली, विजय कठैत, संदीप रावत अनुसूया नौटियाल, विनीत उनियाल, असगर अली, तौफीक अहमद, एसडीएम संदीप कुमार आदि मौजूद थे।