विधानसभा चुनाव में जीत हार के लिए निर्णायक माने जा रहे पोस्टल बैलेट का निरंतर आना जारी है। अभी तक आर्मी के 1497 पोस्टल बैलेट और सामान्य सर्विस मतदाताओं के 2898 पोस्टल बैलेट निर्वाचन विभाग को मिल चुके हैं, जबकि एक हजार 1526 पोस्टल बैलेट पता सही नहीं होने के कारण खाली वापस आ गए।
टिहरी जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर कांटे का मुकाबला माना जा रहा है। ऐसे में प्रत्याशियों की नजर पोस्टल बैलेट पर भी टिकी हुई है। जिले में पांच हजार 561 सैनिक और तीन हजार 352 अन्य सर्विस मतदाता हैं। जिसमें से सर्वाधिक देवप्रयाग विधानसभा में 2155 और सबसे कम धनोल्टी में 932 सर्विस वोटर हैं। शनिवार तक टिहरी विधानसभा के लिए 1201, घनसाली 549, देवप्रयाग 804, नरेंद्रनगर 754, प्रतापनगर 562, धनोल्टी 525 पोस्टल बैलेट पहुंच चुके हैं, जबकि 1526 पोस्टल बैलेट बिना प्राप्त किए वापस आ गए हैं।
पोस्टल बैलेट के पहुंचने की अंतिम तिथि मतगणना के दिन 11 मार्च सुबह आठ बजे तक है। ऐसे में प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र के सर्विस मतदाताओं से संपर्क साध कर वोट अपने पक्ष में करने में जुटे हुए हैं। चूंकि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में टिहरी, नरेंद्रनगर, प्रतापनगर, धनोल्टी, देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र में जीत का अंतर महज तीन सौ से लेकर 15 सौ के बीच में रहा था।
ऐसे में जीत-हार में निर्णायक माने जा रहे पोस्टल बैलेट किस प्रत्याशी के भाग्य का फैसला करेंगे, वह तो 11 मार्च को ही पता लग पाएगा। लेकिन प्रत्याशियों की निगाहें जरूरी पोस्टल बैलेट पर लगी हुई है। अधिकांश प्रत्याशी पोस्टल बैलेट का प्रतिदिन ब्योरा ले रहे हैं। साथ ही अपने-अपने अभिकर्ताओं से पोस्टल बैलेट प्रभारी अधिकारी से संपर्क बनाए हुए हैं।
शनिवार तक 1497 सैनिक और 2898 सामान्य सर्विस पोस्टल बैलेट पहुंच चुके हैं। पोस्टल बैलेट के पहुंचने के उसी दिन कड़ी सुरक्षा के बीच डबल लॉक में जमा किए जाते हैं। अभी तक 1526 पोस्टल बैलेट बिना प्राप्त किए वापस आए हैं।
-अमर सिंह, प्रभारी पोस्टल बैलेट व डीएचओ टिहरी।