टिहरी बांध परियोजना के तृतीय चरण की 1000 मेगावाट विद्युत परियोजना पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) में काम कर रहे कर्मचारियों की हड़ताल 35वें दिन भी जारी है। एचसीसी कंपनी प्रबंधन भी हड़ताली कर्मियों से वार्ता करने को तैयार नहीं है। कंपनी कर्मियों का कहना है कि जब तक नो वर्क नो पे का आदेश वापस नहीं लिया जाता है, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
पीएसपी का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में शुरू किया गया था। 1800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एक हजार मेगावाट की परियोजना का निर्माण वर्ष 2016 में पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माणदायी कंपनी की लापरवाही से परियोजना का कार्य अभी तक 45 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो पाया है। जिससे कंपनी ने अब 2018 तक का एक्सटेंशन मांगा है, जिससे परियोजना की लागत भी 2400 करोड़ से अधिक पहुंचने का अनुमान है।
पिछले 35 दिनों से हड़ताल पर चल रहे कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष जसपाल सिंह पंवार ने बताया कि कंपनी कर्मचारियों का शोषण कर रही है। मृतक आश्रितों को मुआवजा देने में अनियमितता बरती जा रही है।
कुछ दिन पहले ही साइट पर एक कर्मचारी का पैर फैक्चर हो गया था, लेकिन कंपनी ने उसका इलाज करने से इनकार कर उसे हटाने का निर्णय लेने पर ही कर्मियों को हड़ताल करनी पड़ी। अब कंपनी ने नो वर्क नो पे का आदेश जारी किया है। जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता है, आंदोलन जारी रखा जाएगा।