ऋषिकेश-चंबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बेमुंडा में सड़क चौड़ीकरण में आड़े आ रहे प्राचीन पित्रेश्वर महादेव मंदिर को जेसीबी से हटाया गया। ग्रामीणों ने पूर्व में हुए आश्वासन के बाद भी सुरक्षित स्थान में मंदिर नहीं बनाए जाने पर कड़ा रोष जताया है।
नरेंद्रनगर ब्लाक के पिपलेथ, कठिया, सलेथ सहित कई गांवों के ग्रामीण दशकों से बेमुंडा में हाईवे किनारे स्थित प्राचीन शिवालय में पूजा-अर्चना करते आ रहे थे। ऑल वेदर रोड चौड़ीकरण की जद में आ रहे मंदिर को हटाने की कार्रवाई शुरू करने के कुछ माह पहले प्रशासन और बीआरओ ने किसी सुरक्षित स्थान पर मंदिर बनाने का लिखित आश्वासन भी दिया था। ग्रामीण भगवान सिंह रावत, यशपाल सिंह चौहान और किशन धमांदा ने बताया कि प्रशासन ने किसी सुरक्षित स्थान पर मंदिर बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी मंदिर बनाए बगैर कार्यदायी कंपनी भगवान की मूर्तियां अपने कैंप कार्यालय बेमर ले गई हैं। एसडीएम पीआर चौहान ने कहा कि मंदिर वन भूमि पर बनाया गया था। दूसरी जगह मंदिर बनाने का लिखित आश्वासन दिए जाने की जानकारी नहीं है। ग्रामीण खुद ही दूसरी जगह मंदिर बना सकते हैैं।