नई टिहरी। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की जिलास्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई जिसमें भूस्खलन, पेयजल, सड़क, पशुधन और पुनर्वास से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर चर्चा के दौरान अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्ट्रेट में डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में धनोल्टी के ग्राम उनियाल गांव और कद्दूखाल में हुए भूस्खलन के बाबत एसडीएम कमलेश मेहता ने बताया कि अधिकांश भूमि निजी है। सरकारी भूमि का एक छोटा सा हिस्सा है जिस पर एक व्यक्ति ने खुदान किया और भूमि में अस्थिरता की स्थिति पैदा हुई। डीएम ने संबंधित को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
ईई लोनिवि थत्यूड़ को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने और भू-धंसाव रोकने के लिए जमीन की सुरक्षित व स्थिरता के कार्य कराने के निर्देश दिए। नई टिहरी सी-ब्लॉक में हुए भूस्खलन और जल संस्थान से संबंधित हर घर जल के प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। पीएमजीएसवाई के सतेगल मोटर मार्ग और जौनपुर क्षेत्र में मरोड़ा-बनाली-कुंड मोटर मार्ग के स्थायीकरण संबंधी कार्यों पर भी चर्चा की गई।
सीएमओ डॉ. रामप्रकाश ने आपदा के दौरान उपयोग होने वाली मॉर्चरी वैन के बारे में बताया। सीवीओ डॉ. डीके शर्मा ने बताया कि सभी ब्लॉकों और नगर निकायों में कैटल कैचर की व्यवस्था करना अनिवार्य है। बैठक में सीडीओ वरुणा अग्रवाल, एडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी और वरिष्ठ प्रबंधक पुनर्वास राकेश थपलियाल आदि मौजूद थे।