प्रभावित बोले, उनके 319 मामले पड़े हैं लंबित
नई टिहरी। टिहरी बांध से प्रभावित शहरी एवं ग्रामीण अवशेष पात्र विस्थापितों का पुनर्वास का कार्य टीएचडीसी के हाथों में दिए जाने का बांध प्रभावितों ने विरोध किया है। थौलधार के पूर्व ब्लॉक प्रमुख खेम सिंह चौहान ने कहा कि बांध प्रभावितों के करीब 319 मामले अभी लंबित हैं।
पत्रकार वार्ता में पूर्व ब्लॉक प्रमुख चौहान ने कहा बांध प्रभावितों के भूमि, दुकान और व्यवसायिक कई मामले अभी लंबित है, लेकिन टीएचडीसी शासनस्तर से दबाव बनाकर पुनर्वास के कार्यों को अपने पास लेने की कोशिश में लगी है। गत 20 मार्च को सिंचाई सचिव आर राजेश कुमार ने डीएम पुनर्वास/ निदेशक टिहरी को पत्र जारी कर टिहरी बांध से प्रभावितों के मामलों को टीएचडीसी को सौंपने के निर्देश दिए हैं।
इससे पूर्व भी दो बार टीएचडीसी को पुनर्वास के कार्यों को सौंपे जाने का मामला सामने आ चुका है, लेकिन बांध विस्थापित और प्रभावितों के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो पाया है। शुक्रवार को एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से मिला और पुनर्वास संबंधी मामले पुनर्वास निदेशालय के पास ही रखने के मांग की। बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा ने कहा कि बांध प्रभावित नंदगांव के अभी भी सात परिवारों के मामलों का निराकरण नहीं हो पाया है। कई गांव ऐसे हैं, जिसके 75 प्रतिशत परिवारों का विस्थापन हो चुका है। शेष 25 प्रतिशत होना बाकी रह गया है।