राजकीय नर्सिंग कॉलेज सुरसिंगधार की व्यवस्थाएं अस्थायी अधिकारियों और कर्मचारियों के भरोसे चल रही है। यही वजह है कि स्थापना के पांच साल बाद भी राजकीय नर्सिंग कॉलेज की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है। नर्सिंग कॉलेज फैकल्टी और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन एक भी पद पर स्थायी नियुक्ति न होने से कॉलेज का प्रशासनिक ढांचा पटरी पर नहीं आ पा रहा है। आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के भरोसे ही प्रशासनिक व्यवस्था संचालित की जा रही है।
सुरसिंगधार नर्सिंग कॉलेज की स्थापना 2016 में हो गई थी। इस वर्ष पहला बैच पास आउट होना है, लेकिन स्थापना के पांच साल बाद भी कॉलेज फैकल्टी और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। हालांकि कॉलेज में छात्रावास, प्रयोगशाला और फर्नीचर जैसी आधार भूत सुविधाएं पर्याप्त संख्या में उपलब्ध है। नियम के अनुसार नर्सिंग कॉलेज में फैकल्टी के लिए 17 पदों का सृजन होना आवश्यक था, लेकिन वर्तमान में सिर्फ सात ही पद सृजित हैं।