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Tehri News: ऊंची डांडी-कांठी ह्यंयू पड़ी गै

Fri, 23 Jan 2026 06:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
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नई टिहरी में पांच साल बाद जमकर हुई बर्फबारी
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नई टिहरी/चंबा/घनसाली। वसंत पंचमी के पर्व पर पर्यटन नगरी धनोल्टी, सुरकंडा मंदिर सहित जिला मुख्यालय, गंगी और पिंस्वाड़ आदि क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। सुबह तेज हवा के साथ शुरू हुई हल्की बारिश के बाद ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई जिससे जिले की सभी ऊंची पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओड़ दी।
नई टिहरी नगर क्षेत्र में करीब पांच साल बाद जमकर बर्फबारी हुई। शुक्रवार सुबह आसमान में कुछ देर बादल छाए रहने के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई थी। करीब सवा नौ बजे से पर्यटन नगरी धनोल्टी, गंगी और पिंस्वाड़ आदि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई थी। जबकि घाटी वाले क्षेत्रों में कभी तेज कभी हल्की बारिश होती रही।
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दोपहर ढाई बजे के बाद नई टिहरी में भी बर्फ गिरनी शुरू हो गई जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकलकर बर्फ का आनंद उठाने लगे। बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट आने से यहां ठंड का प्रकोप बढ़ गया। लोग शाम ढलने से पहले ही अपने घरों में कैद हो गए। पर्यटन नगरी धनोल्टी, काणाताल, बुरांशखंडा, चंबा, भिलंगना ब्लॉक के गंगी, गेंवाली, पिंस्वाड़, हिंदाव और अखोड़ी में भी खूब बर्फबारी हुई।
सीजन की पहली बर्फबारी से जहां लोगों में खुशी की लहर है वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में निवासरत लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पशुपालकों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। बर्फबारी से पहले मायूस बैठे किसान और होटल व्यवसायियों के चेहरे खिल उठे हैं। दोपहर बाद लगातार हुई बर्फबारी से सड़कों पर वाहनों का संचालन भी काफी धीमा हो गया। बर्फबारी वाले इलाकों में वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। जौनपुर क्षेत्र के नागटिब्बा, ऐंदी आदि क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ठंड काफी बढ़ गई। नई टिहरी सहित सभी ऊंचाई वाले इलाकों में देर शाम तक बर्फबारी होती रही। जिससे तापमान में भारी गिरावट आने से ठंड बढ़ गई।




फसल और फलोत्पादन को बर्फबारी के रूप में मिली संजीवनी
नई टिहरी। सीजन की पहली बर्फबारी फसल और फलों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। हालांकि घाटी वाले इलाकों में फसल बहुत कम दिख रही है बावजूद कुछ जगहों पर जो गेहूं, सरसों और मसूर आदि की फसल बची हुई है। उसके लिए यह बारिश और बर्फबारी काफी फायदेमंद होगी। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण अभी तक करीब 20 प्रतिशत फसलाें को नुकसान हुआ है लेकिन कई नमी वाले क्षेत्रों में फसल ठीक थी।
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जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा ने कहा कि सेब, आडू और पुलम के लिए यह बर्फबारी संजीवनी का काम करेगी। सेब के लिए इस सीजन में 0 से 7 डिग्री का तापमान जरूरी है। इस बर्फबारी से सेब के लिए जरूरी चिलिंग घंटे पूरे होने की उम्मीद है। इस बर्फबारी से वास्तविक खुशी किसानों और फलोत्पादकों को मिली है। नैनबाग क्षेत्र के काश्तकार शरण सिंह पंवार, गंभीर सिंह रावत, अखोड़ीसैण के पदम सिंह पंवार और चौंरी के काश्तकार हुकम सिंह नेगी ने कहा कि यह बारिश और बर्फबारी फसल के लिए काफी फायदेमंद होगी। संवाद
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