अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में सीएमओ की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच टीम ने रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें मौत का कारण महिला में खून की कमी बताया गया है। सीएमओ ने अग्रिम कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी है।
थौलधार ब्लॉक के ग्राम कुनेर निवासी गुड्डी देवी (26) पत्नी गजेंद्र को प्रसव पीड़ा होने पर दो जून को चंबा रेडक्रॉस से जिला चिकित्सालय बौराड़ी भेजा गया था। बौराड़ी में इलाज की व्यवस्था नहीं होने पर प्रसूता को चंबा के एक निजी अस्पताल भेजा गया था, जहां दो घंटे बाद गुड्डी ने मृत बच्चे को जन्म दिया था।
अधिक रक्तस्राव होने से प्रसूता की भी मौत हो गई थी। मामले का संज्ञान लेकर जिला प्रशासन ने सीएमओ को जांच के आदेश दिए थे। सोमवार को मिली जांच रिपोर्ट में बताया गया कि महिला में खून की कमी थी। जिला चिकित्सालय में ब्लड भी नहीं मिल पाया, जिससे प्रसूता की मौत हो गई।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि महिला के इससे पहले भी दो बच्चे मरे हुए पैदा हुए थे। महिला का सबसे बड़ा बच्चा 12 साल और छोटा चार साल का है। सीएमओ डा. अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि जांच रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है।
मृतका के भाई दिनेश कोहली ने कहा कि गुड्डी को उचित इलाज नहीं मिलने पर ही उसकी मौत हुई है। समय पर सही इलाज मिल जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गुड्डी उम्र 32 साल है, जबकि रिकॉर्ड में 25 बताई जा रही है।