भिलंगना ब्लॉक के ग्राम फलेंडा में शुक्रवार शाम एक बच्ची को निवाला बनाने के बाद गुलदार शनिवार दोपहर को भी गांव में आ धमका। वन विभाग ने आदमखोर गुलदार को मारने के लिए शूटर तैनात कर दिया है।
फलेंडा गांव के विजय सिंह राणा गर्मियों की छुट्टी में देहरादून से सपरिवार घर आए थे। शुक्रवार को मेघना (8) भी गांव के बच्चों के साथ आंगन में खेल रही थी। शाम आठ बजे आंगन के नीचे घात लगाए बैठे गुलदार ने मेघना पर झपट्टा मारा और उसे उठा ले गया।
काफी मशक्कत के बाद देर रात बच्ची का अधखाया शव गांव के पास झाड़ियों में मिला। मौके पर पहुंचे एसडीएम जगदीश लाल और रेंज अधिकारी केएस भंडारी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
एसडीएम और रेंज अधिकारी की मांग पर मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दे दिया है। गांव के कीर्ति सिंह राणा ने बताया कि शनिवार दोपहर 12 बजे गुलदार फिर गांव में आ धमका था।
एसडीएम ने बताया कि गुलदार को आदमखोर घोषित कर उसे मारने के लिए शूटर गंभीर सिंह भंडारी, पुलिस और विभागीय कर्मियों को तैनात किया गया है। रेंज अधिकारी ने कहा कि शूटर तैनात करने के साथ ही वन कर्मियों को गश्त पर लगाया गया है। उन्होंने कहा कि परिजनों को तीन लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
उधर, गुलदार के हमले में मारी गई मेघना की मां सुरेखा देवी घटना के बाद से बेहोशी हालत में है। होश में आने पर मेघना को पुकारते ही बेसुध हो रही है। उसकी बड़ी बहन मानसी ने बताया कि जब गुलदार ने उसे उठाया, तब वह अपनी दादी के साथ घर के पास में थी।
उसने बताया रविवार को वह देहरादून जाने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले गुलदार ने उनकी बहन को मार डाला। घटना के बाद घर में दादा-दादी व अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं।
फलेंडा में हुई घटना पर ब्लॉक प्रमुख विजय गुनसोला, शूरवीर लाल, विमला नौटियाल, धनीलाल, राजेंद्र रतूड़ी, लोकेंद्र जोशी, सुशील देव सुरीरा, लक्ष्मी जोशी, कुंवर सिह राणा ने गहरा दुख जताते हुए वन विभाग से गुलदार को जल्द मारने की मांग की है।