स्टॉलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण हो रही है देरी
बिना चीर-फाड़ के ऑपरेशन कराने वाले मरीजों को करना पड़ सकता है 20 दिन ओर इंतजार
नई टिहरी। जिला अस्पताल बौराड़ी को पिछले माह आधुनिक लेप्रोस्कोपी मशीन तो मिल गई थी, जिससे उम्मीद जगी थी कि अब मरीजों को दूर के शहरों में ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन मशीन आने के बावजूद अभी तक इसका प्रयोग नहीं हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मशीन की स्टॉलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण सेवा में देरी हो रही है। जिसे शुरू होने में अभी लगभग 20 दिन और लग सकते हैं।
लेप्रोस्कोपी आधुनिक तकनीक है, जिसमें बिना चीर-फाड़ के शरीर के अंदर ऑपरेशन किया जाता है। टिहरी जिले में यह सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर या सामान्य शल्य चिकित्सा के लिए मरीजों को ऋषिकेश या देहरादून का रुख करना पड़ता है। इसके लिए उन्हें न केवल अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है, बल्कि भारी-भरकम खर्च भी करना पड़ता है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय ने स्थानीय लोगों की जरूरतों को देखते हुए लेप्रोस्कोपी मशीन तो मुहैया करा दी है, लेकिन सिस्टम की तैयारी अधूरी रहने से मरीजों को अभी भी इंतजार करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मशीन उपलब्ध हो चुकी है, तो इसमें देरी करना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। मरीजों को राहत तभी मिलेगी जब यह सेवा वास्तव में शुरू होगी और उन्हें जिला अस्पताल में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
दूरबीन विधि से ऑपरेशन के लिए जल्द जिला अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन स्थापित की जा रही है। मशीन की स्टॉलिंग करने इस सप्ताह तकनीशियन पहुंच जाएगा। इस माह के अंत तक विधिवत सेवा शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ.श्याम विजय, सीएमओ टिहरी