नरेंद्रनगर क्षेत्र के कुमारखेड़ा की आवासीय बस्ती और पुरानी चुंगी वाली सड़क पर लगातार भूस्खलन का खतरा बढ़ता जा रहा है। पिछले तीन-चार सालों से भूस्खलन थमने का नाम नहीं ले रहा है।
भूस्खलन से आवासीय भवनों की दरारें बढ़ती जा रही हैं। आवासीय कालोनी के पीछे इन दिनों एक बड़े होटल और राजकीय महाविद्यालय के भवन का निर्माण किया जा रहा है।
भवनों के निर्माण में विस्फोटों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों को भूस्खलन का डर सता रहा है। भूस्खलन से पुरानी चुंगी रोड पर भी भूधंसाव हो रहा है।
पालिका सभासद मानवेंद्र सिंह रावत व पूर्व सभासद पवन डियूंडी ने तहसील प्रशासन से भूस्खलन रोकने के लिए सुरक्षा दीवार निर्माण करने और नए भवनों के निर्माण में हो रहे विस्फोटों पर रोक लगाने की मांग की है।
एसडीएम मनीष कुमार सिंह ने बताया कि भवन निर्माण के लिए विस्फोट होने का मामला संज्ञान में नहीं है। स्थानीय लोगों से शिकायतें भी प्राप्त नहीं हुई है।
लोनिवि के सहायक अभियंता डीएन तिवारी का कहना है कि उनका काम सड़क का डामरीकरण करना था। डामरीकरण किया जा चुका है। भूस्खलन रोकने के लिए कार्य योजना तैयार करना शासन स्तर का मामला है।