केंद्रीय विद्यालय के लिए 35 साल बाद भी स्थायी स्कूल भवन नहीं बन पाया है। 1986 से अस्थायी भवन में संचालित किए जा रहे विद्यालय में कम सीट होने के कारण केवि में पढने के इच्छुक बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। लोगों की समस्या की अनदेखी इस कदर की जा रही है कि जिला प्रशासन केवि के लिए आवंटित जमीन तक 50 मीटर सड़क नहीं बना पा रहा है, जिससे भवन निर्माण की कार्रवाई अधर में लटकी हुई है।
जिला मुख्यालय में केंद्रीय विद्यालय का संचालन वर्ष 1986 से अस्थायी भवन में किया जा रहा है। जगह की कमी और क्लास रूम की मेंटिनेंस सहित अन्य कई समस्याएं सामने आने पर लंबी जद्दोजहद के बाद 2010 से यहां आंचल डेरी के ऊपर जमीन आवंटन की कार्रवाई शुरू की गई तो काफी लंबे समय बाद वर्ष 2017 में केवी को चार एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। जमीन मिलने के बाद प्रशासन से आवंटित जमीन तक 50 मीटर एप्रोच रोड बनाने का प्रस्ता दिया गया था, लेकिन अभी तक प्रशासन एप्रोच रोड नहीं बना पाया है। जिससे स्कूल भवन, खेल मैदान और स्टाफ रूम का काम अधर में लटका हुआ है। केवि प्रशासन का कहना है, कि एप्रोच रोड बनने के बाद ही मुख्यालय से बजट की डिमांड की जा सकती है।
भवन बनने पर 280 अतिरिक्त छात्रों को मिल सकेगा प्रवेश
अस्थायी भवन में क्लास रूम की कमी के कारण जहां लैब आदि की समस्या बनी हुई है, वहीं छात्रों को सीमित सीटों पर ही प्रवेश दिए जा रहे हैं, जिससे प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस भरने में असमर्थ अभिभावकों के पाल्यों को केवि में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। स्कूल में अभी तक पहली से 12वीं क्लास तक 715 छात्र-छात्राओं को ही प्रवेश मिल पा रहा है, जबकि नया स्कूल भवन बनने पर 280 अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश दिया जा सकता है। लेकिन 50 मीटर सड़क नहीं बनने के कारण भवन निर्माण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पा रही है।
केवि के लिए आवंटित जमीन तक एप्रोच रोड बनाने के लिए जिला प्रशासन से पत्राचार किया जा रहा है। रोड बनने के बाद ही भवन निर्माण के बजट के लिए केवि मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
-मीनाक्षी जैन, उपायुक्त क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून।