राज्य सरकार की ओर से संचालित ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ यात्रा बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए परेशानी पैदा कर रही है। कारण है यात्रा पर लगाई गई उत्तराखंड परिवहन निगम की पुरानी बसें। बीते सोमवार को कंडीसौड़ से श्रीबदरीनाथ धाम की यात्रा पर रवाना हुई यात्रा बस में कई जगह खराबी आने से 60 से 85 साल के वरिष्ठ नागरिकों को बस को धक्का लगाना पड़ा।
यात्रा से बृहस्पतिवार को लौटे बुजुर्ग तीर्थयात्रियों में शामिल जसपुर, कंडीसौड़ के गजेधर नौटियाल (69), रक्षपाल सिंह रौथाण (65), वासुदेव खंडूड़ी (72), घनानंद 75, अनुसूया देवी 70, सूरजमणि खंडूड़ी 75, सुंदर सिंह 71, जोत सिंह पुरसोड़ा 66, पुष्पा देवी 65, भुवना देवी 60, कार्तिकानंद 78, विशालमणी 70 ने बताया कि बुधवार को बदरीनाथ से लौटते हुए बस स्ट्राट नहीं हुई।
चालक-परिचालक द्वारा काफी देर प्रयास के बाद भी जब सफलता नहीं मिली, तो बुजुर्ग महिला-पुरुष यात्रियों को बस को धक्का लगाना पड़ा। इसके बाद पीपलकोटी आकर बस फिर बंद हो गई। रास्ते में एक जगह डीजल पंप की तार टूटने से वाहन स्ट्राट नहीं हो पाया।
चालक-परिचालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बदरीनाथ में ठंड अधिक होने से सुबह सबेरे बस स्ट्राट करने में दिक्कत आई। लिहाजा यात्रियों से धक्का लगवाना पड़ा, जबकि रास्ते में डीजल का इयर लॉक हो गया था, इसके बाद उसे ठीक किया गया।