कांग्रेस सरकार ने आचार संहिता से ठीक एक दिन पहले जाजल में महाविद्यालय का शासनादेश जारी कर क्षेत्र के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग पूरी कर दी है। उम्मीद है कि अगले शिक्षा सत्र से महाविद्यालय में कक्षाएं शुरू हो जाएंगी।
नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के हेंवलघाटी और बमुंड में उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय न होने से दर्जनों गांव के छात्र-छात्राओं को बादशाहीथौल और नरेंद्रनगर का रुख करना पड़ता है। ऐसे में केवल आर्थिक रूप से संपन्न छात्र-छात्राएं ही शिक्षा ग्रहण कर पा रहे थे।
स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर सामाजिक संगठन लंबे समय से जाजल में महाविद्यालय खोलने की मांग कर रहे थे। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों ने सरकार को भी अवगत कराया था। आचार संहिता से एक दिन पहले तीन जनवरी को मुख्य सचिव एस रामास्वामी की ओर से जाजल में महाविद्यालय खोलने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसमें बताया गया कि शिक्षा सत्र 2017-18 में महाविद्यालय में कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
नरेंद्रनगर के पूर्व प्रमुख वीरेंद्र कंडारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु बिजल्वाण समेत कई कांग्रेसियों ने कहा कि सरकार ने महाविद्यालय की स्वीकृति देकर लोगों की मांग पूरी कर दी है। इससे क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने का मौका मिलेगा।