प्रतापनगर ब्लॉक के श्री सेम-मुखेम में पर्यटन विभाग की ओर से 10 करोड़ 12 लाख की लागत से निर्मित पर्यटक आवास गृह का जिले के प्रभारी और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सेम-मुखेम क्षेत्र में तीर्थाटन की असीम संभावनाएं हैं। प्रतिदिन सैकड़ों लोग भगवान श्रीकृष्ण नागराजा के दर्शनों के लिए पहुंचते है। ऐसे में पर्यटन विभाग ने पर्यटक आवास गृह बनाकर यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुविधा देने का प्रयास किया है।
वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने जिले के चार पर्यटक आवास गृहों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत और स्वयं सहायता समूह को देने की डीएम की पहल को स्वागतयोग्य बताया। कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की राह खुलेगी। डीएम इवा आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि सेम-मुखेम सहित जाखणीधार के सुनहरीगाड़, चंबा के सौड़ और जौपुर के बंग्लोंकी कांडी में पर्यटन विभाग के पर्यटक आवास गृहों को स्थानीय स्तर पर संचालित कराने की योजना बनाई है। पलायन रोकने और आजीविका संवर्द्धन के लिए यह अहम साबित हो सकता है। जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि एडीबी की ओर से वित्त पोषित सेम-मुखेम में बने पर्यटक आवास गृह में 8 कमरों में कुल 20 बेड हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां पर एक कृत्रिम झील का भी निर्माण किया गया है। पर्यटक आवास गृह का संचालन श्री सेम नागराजा स्वयं सहायता समूह करेगा। डीएम ने सेम-नागराजा धाम को जाने वाले पर्यटकों को ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग, झील में बोटिंग आदि के लिए अनुभवी युवाओं को चिह्नित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए कहा। इस मौके पर सीडीओ नमामि बंसल, पीडी डीआरडीए आनंद सिंह भाकुनी, सहायक पर्यटन अधिकारी विजय राणा आदि उपस्थित रहे।