वीर चंद्र सिंह गढ़वाली औद्यानिक एवं वानिकी विवि के वानिकी महाविद्यालय रानीचौरी को आईसीएफआरई (भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद) ने मूल्यांकन में ए ग्रेड में एक्रीडिटेशन (मान्यता) दी है। महाविद्यालय की संपूर्ण व्यवस्थाओं और प्रस्तुतीकरण के बाद एक्रीडिटेशन मिला है। ग्रेड ए मिलने पर विवि के अधिकारी-कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, स्कॉलर्स और छात्र-छात्राओं ने खुशी जताते हुए इसे बड़ी उपलब्धि करार दिया है।
केंद्र सरकार के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्वयत्तशासी संस्थान आईसीएफआरई देशभर में वानिकी शिक्षा संचालित करती है। महाविद्यालय के डीन डा. वीपी खंडूड़ी ने बताया कि फरवरी में आईसीएफआरई के एक दल ने महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रयोगशाला, परिसर का भ्रमण कर आकलन और मूल्यांकन किया था। इसके बाद महाविद्यालय के नियमानुसार निश्चित प्रारूप में एक्रीडिटेशन बोर्ड के सामने वरिष्ठ संकाय सदस्य व निदेशक शोध डा. अमोल वशिष्ठ ने 21 जून को प्रस्तुतीकरण रखा। सफल प्रस्तुतीकरण के बाद आईसीएफआरई बोर्ड ने महाविद्यालय रानीचौरी को अगले तीन साल के लिए ए श्रेणी की मान्यता दी है। इस मौके पर कुलपति प्रो. एके कर्नाटक, कुलसचिव डा. बीपी नौटियाल, विवि के निदेशक शिक्षा डा. अरविंद बिजल्वाण ने भी खुशी जताई है।