ऊर्जा निगम की लचर कार्य प्रणाली क्षेत्र के लोगों पर भारी पड़ रही है। सुबह सात बजे के बाद बिजली कब गुल हो जाए, इसकी कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। इन दिनों चारधाम यात्रा जोरों पर है। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु बिजली नहीं होने के कारण दिन के समय लंबगांव के होटलों में रुकने को तैयार नहीं है।
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन के आला अधिकारी यात्रियों को बेहतर बिजली, पानी, स्वास्थ्य और सड़क यातायात की सुविधा मुहैया कराने का डंका पीटते रहे, लेकिन लंबगांव में ऊर्जा निगम की स्थिति इससे उल्ट है। पिछले एक सप्ताह से यहां दिन के समय घंटों विद्युत कटौती की जा रही है।
बिजली कब गुल हो जाए इसका कोई पता नहीं है। लंबगांव प्रतापनगर ब्लॉक के 52 गांवों का केंद्र बिंदु है। दूर-दराज के गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग फोटो स्टेट, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी जांच के लिए लंबगांव बाजार पहुंचते हैं, लेकिन घंटों बिजली गुल होने के कारण लोगों को दिनभर परेशानी से जूझना पड़ता है।
ऊर्जा निगम के अधिकारी बिजली कटौती का कारण बीते जनवरी तक बौसाड़ी फीडर पर अधिक लोड पड़ना बताते रहे। लोगों की मांग पर जनवरी में लंबगांव के लिए अलग फीडर बनाया गया। उसके बाद भी विद्युत आपूर्ति की स्थिति में सुधार नहीं होना अब लोगों के गले नहीं उतर रहा है।
ऊर्जा निगम की इस अव्यवस्था पर उपभोक्ता मनोज रमोला, राजेंद्र सिंह, प्रधान सोबत सिंह बिष्ट, भूपेश कंडियाल ने रोष जताया। ऊर्जा निगम के जेई एलपी नौटियाल का कहना है कि तीन दिन तक विद्युत सब स्टेशन में मरम्मत कार्य चलता रहा, जिससे दिन के समय बिजली की आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। अब विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर चंबा से रोस्टिंग की जा रही है। उपभोक्ताओं की समस्याओं के संबंध में उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।