प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। विभाग ने वर्ष 2014 में स्वीकृत हिंडोलाखाल-सोनी सरोली मोटर मार्ग का स्टेज प्रथम का कार्य कर अधर में छोड़ दिया गया। सड़क छह महीने से बंद है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क पर पड़ा मलबा हटाकर डामरीकरण कार्य जल्द शुरू नहीं किया गया तो विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
हिंडोलाखाल-सोनी सरोली 2.87 किमी सड़क निर्माण की स्वीकृति 2010 में मिली थी। ग्रामीणों के लगातार संघर्ष करने के बाद अगस्त 2014 में सड़क निर्माण के लिए 183.94 लाख रुपये स्वीकृति मिली। पीएमजीएसवाई ने प्रथम चरण में सोनी सरोली गांव तक सड़क पहुंचाई। इससे छोटे वाहनों के गांव तक पहुंचने से ग्रामीणों को काफी राहत मिल रही थी। लेकिन विभाग ने दूसरे चरण का कार्य रोक दिया। इससे सड़क छह माह से बंद पड़ी हुई है। गांव के बलवीर सिंह पुंडीर और ज्ञान सिंह पुंडीर ने कहा कि सड़क बंद होने से गांव की 600 लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। उन्होंने सड़क निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है।
पीएमजीएसवाई के अवर अभियंता सोहिल का कहना है कि सड़क का 80 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। ठेकेदार की लापरवाही के कारण काम ठप पड़ा है। कार्य जल्द शुरू कर तीन माह में पूरा कर लिया जाएगा।