केंद्र सरकार की उड़ान योजना से टिहरी झील किनारे से हेली सेवाएं शुरू होने वाली है। बृहस्पतिवार को डीजीसीए की टीम ने हेली सेवा का ट्रायल कर कोटी कालोनी में बने हेलीपैड समेत अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। हेली सेवा का ट्रायल सफल रहा, जिससे अब उम्मीद है कि जल्द ही देहरादून से टिहरी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होगी।
केंद्र सरकार ने छोटे शहरों में एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए उड़ान योजना शुरू की है। योजना से पहले चरण में चिन्यालीसौड़ और गौचर हाईवे पट्टी से आठ फरवरी से सहस्त्रधारा देहरादून के लिए नियमित हेलीसेवाएं शुरू हो गई हैं। दोनों स्थानों से हेलीसेवाएं की सफलता के बाद अब सरकार ने विश्व प्रसिद्ध टिहरी झील किनारे कोटी कालोनी और श्रीनगर से भी देहरादून के जौलीग्रांट हवाई अड्डे के लिए हेलीसेवाएं शुरू करने की पहल शुरू की है।
बृहस्पतिवार को डीजीसीए (महानिदेशक नागरिक उड्डयन) और आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) ने टीम ने कोटी कालोनी में निर्मित तीन हेलीपैड का निरीक्षण किया। टीम ने यहां बने तीन हेलीपैड पर तीन से चार बार हेलीकॉप्टर की लैडिंग और टेक ऑफ करवाया। टीम ने पैसेंजर लॉज से लेकर सुरक्षा की दृष्टि से भी व्यवस्थाओं को बेहतर पाया। डीजीसीए की हरी झंडी मिलने के बाद टिहरी से हेली सेवाएं शुरू होने का रास्ता भी साफ हो गया है। जिलाधिकारी डा. वी षणमुगम ने बताया कि टीम ने कोटी में डीजीसीए ने हेली सेवा का ट्रायल किया है। बताया कि हेली सेवा का ट्रायल सफल रहा है। इस मौके पर एडीएम शिवचरण द्विवेदी, एसडीएम पीआर चौहान भी मौजूद थे।