लोनिवि को वन विभाग से मिली आपत्ति, प्रस्ताव पर पुर्न विचार
नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक के नौली गांव में निवासरत 60 परिवारों को सड़क के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। किरेथ गदेरे से आगे नौली गांव तक तीन किमी सड़क निर्माण में वन अधिनियम आड़े आ गया है। ऐसी स्थिति में गांव में निवासरत लोगों को सड़क से गांव तक छह किमी की दूरी तय करने की मजबूरी बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है।
नौली गांव को सड़क से जोड़ने के लिए सरकार ने नवंबर 2022 में कुंती-बणगांव-सेरा-नौली तक छह किमी सड़क निर्माण की स्वीकृति दी थी। सड़क निर्माण के लिए 92.88 लाख की वित्तीय स्वीकृति मिली थी। कार्यदायी संस्था लोनिवि घनसाली ने 2023 में उक्त सड़क का निर्माण शुरू किया था।
कुंती से किरथे गदेरे तक लगभग तीन किमी सड़क कटिंग का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन किरेथ गदेरे से आगे शेष तीन किमी सड़क निर्माण में अब वन अधिनियम का पेंच फंस गया है। वन विभाग ने लोनिवि के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई और फाइल लौटा दी है। अब लोनिवि को आपत्तियों का निस्तारण करके नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर वन विभाग को भेजना होगा। इस वजह से सड़क निर्माण का कार्य फिलहाल अटक गया है।
स्थानीय निवासी आदित्य जोशी, प्रशांत जोशी, कुशलानंद जोशी, रामेश्वर प्रसाद और गुरु प्रसाद का कहना है कि सड़क निर्माण में देरी के कारण गांव के लोग पलायन करने लगे हैं। जब 2023 में सड़क का काम शुरू हुआ था, तो लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही उन्हें पैदल दूरी तय करने से मुक्ति मिल जाएगी। अब वन अधिनियम के कारण सड़क निर्माण कार्य रुक गया है, जिससे गांव के लोग चिंतित हैं। बाजार से गांव तक छह किमी पैदल यात्रा करना और खाद्य सामग्री ढोना बहुत कठिन हो गया है।
नौली गांव के लिए तीन किमी लगभग सड़क कटिंग का कार्य पूरा हो गया है। शेष तीन किमी सड़क निर्माण वन अधिनियम के कारण नहीं हो पा रहा है। वन विभाग की अनापत्ति के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिस पर कुछ आपत्तियां लगाकर वन विभाग ने लौटा दिया है।
-दिनेश चंद्र नौटियाल, ईई लोनिवि घनसाली