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गंगी गांव में कटे पेड़ों की नहीं हो पाई जांच

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सीमांत गंगी गंाव के जंगल में 800 हरे पेड़ काटे जाने के मामले में वन विभाग खामोश हो गया है। मामले में वन विभाग किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है, जबकि गंगी गांव के लोगों ने पेड़ काटे जाने का अपना जुर्म कबूल कर लिया है। डीएफओ का कहना है कि अभी जांच पड़ताल जारी है। डीएम ने बताया कि राजस्व और वन विभाग की जांच टीम गंगी गांव से लौटकर संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर रही है।
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लॉकडाउन अवधि में गंगी गांव के जंगल में बड़ी संख्या में थुनेर, बुरांश और भमोरा के हरे पेड़ काटे गए। गांव से तीन किमी दूर ताल नामे तोक में लगभग 800 पेड़ों का सफाया हो चुका है। 30 जून को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग हरकत में आया। डीएम घिल्डियाल ने डीएफओ से जांच रिपोर्ट मांगी थी। रविवार तक रिपोर्ट उपलब्ध हो जाएगी। जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घनसाली एसडीएम संदीप तिवारी और वन रेंज अधिकारी एसएस नेगी के नेतृत्व में टीम ने गंगी गांव में कटे पेड़ मिले। डीफओ डा. कोको रोसे ने बताया कि अभी जांच जारी है। उक्रांद के केंद्रीय प्रवक्ता विक्रम बिष्ट ने कहा कि गंगी गांव में पेड़ काटे जाने की शासन स्तर पर उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
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