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नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण को कानून न बनाने पर जताया रोष

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उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी कर्मचारी कल्याण परिषद ने सरकारी नौकरी में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण देने को लेकर कानून न बनाए जाने पर कड़ा रोष जताया। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के लिए आंदोलनकारियों ने लंबा संघर्ष किया था, जिसके चलते उत्तराखंड अलग राज्य बना है, लेकिन अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए ही भटकना पड़ रहा है। ऐसे में अब आंदोलनकारी परिषद 14 जुलाई को राजभवन तक कूच करेंगे।
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आंदोलनकारी कर्मचारी परिषद के जिलाध्यक्ष बृजमोहन जोशी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 14 जुलाई को राजभवन मार्च को लेकर चर्चा की गई। कहा कि पूर्व में सरकारी नौकरी में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण दिया था, लेकिन हाईकोर्ट इस आरक्षण को मान्य नहीं कर रहा है। जिसके चलते पूर्व में आरक्षण लेकर सरकारी सेवा में लगे कर्मचारियों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने राजभवन मार्च में अधिकाधिक आंदोलनकारियों से शिरकत करने की अपील की। बैठक में संगठन के जिला सचिव धीरेंद्र पेटवाल, उपाध्यक्ष सुमन असवाल, कोषाध्यक्ष पूरण सिंह राणा, राजपाल रणावत, खुशाल नेगी, रविंद्र पुंडीर, पूरण सिंह चौहान, दिनेश सेमवाल, ध्यान सिंह, कुलवीर मखलोगा और मनजीत सजवाण आदि मौजूद रहे।
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