नई टिहरी। टिहरी बांध प्रभावित मदननेगी का पूर्ण विस्थापन करने और भू-धंसाव से हुए नुकसान का धरातलीय सर्वे करने की मांग को लेकर पिछले सात दिनों से चल रहा आंदोलन डीएम व विधायक के आश्वासन पर स्थगित हो गया। डीएम ने ग्रामीणों को आईआईटी रुड़की द्वारा सर्वे कराए जाने का आश्वासन दिया।
मदननेगी के ग्रामीण विस्थापन करने और गांव का ड्रोन से सर्वे कराए जाने के विरोध में 28 अगस्त से सागर भंडारी के नेतृत्व में आंदोलनरत थे। मंगलवार को डीएम मयूर दीक्षित और विधायक विक्रम नेगी ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि टिहरी बांध की झील से हो रहे भू-धंसाव के कारण उनके घरों, दुकानों और खेतों पर दरारें पड़ी है। दरारें लगातार चौड़ी होती जा रही है। वे जर्जर घरों पर रहने को मजबूर हैं।
डीएम ने कहा कि झील के कारण गांव को क्या-क्या नुकसान हो रहा है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। विधायक ने कहा कि संयुक्त विशेष समिति ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व में ही मदननेगी को विस्थापन करने का सुझाव दिया था। गांव के 35 परिवारों को बांध परिक्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर विस्थापित किया जाना चाहिए। आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना स्थगित कर दिया।
इस मौके पर पुनर्वास विभाग के अधीक्षण अभियंता आरके गुप्ता, एसडीएम संदीप कुमार, बलवीर नेगी, पुरुषोत्तम दत्त, बुद्धि राम, मस्तराम राम प्रसाद, सुरेंद्र रतूड़ी, पूर्णा देवी आदि मौजूद रहे।