पर्यटन नगरी धनोल्टी में जमकर हुई बर्फबारी।
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बर्फबारी और बारिश से जिले के सभी क्षेत्रों में जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ठिठुरनभरी ठंड के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। बारिश और बर्फ के चलते चंबा-धनोल्टी, रायपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, ज्वारना-कंस्यूड मोटर मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए। मार्ग बंद रहने से लोगों को आवागमन करने में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। धनोल्टी, सुरकंडा, कुद्दूखाल, सेम मुखेम में जमकर बर्फबारी हुई है। नई टिहरी, चंबा और रानीचौरी क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी हुई, लेकिन बर्फ टिक नहीं पाई। बर्फबारी से धनोल्टी क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
बृहस्पतिवार तड़के ही बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया था, जो दिनभर जारी रहा। धनोल्टी, काणाताल, कद्दूखाल, सुरकंडा, सेम मुखेम, प्रतापनगर, सीमांत गांव गंगी और मेड, मरवाडी में जमकर बर्फबारी हुई है। नई टिहरी, चंबा और रानीचौरी क्षेत्र में भी सुबह से रुक-रुक कर बर्फबारी होती रही। हालांकि टिकी नहीं। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस सीजन की पहली बर्फबारी का लुत्फ उठाया। विशेषज्ञों के अनुसार बारिश और बर्फबारी फसलों और फलदार पेड़ों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।
चंबा-धनोल्टी मार्ग बर्फबारी के कारण सुवाखोली से काणाताल के बीच यातायात के लिए बाधित हो गया है। रामपुर-कुमाल्डा-कद्दूखाल, ज्वारना-कंस्यूड़ मार्ग भी यातायात के लिए बंद हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। धनोल्टी क्षेत्र में बिजली के तार और पोल बर्फबारी से जगह-जगह टूट जाने के कारण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति सुबह से ठप हो गई।
मुखेम, खैट पर्वत, चोरंगीखाल आदि सभी चोटिया बर्फ से ढक गई है। नई टिहरी में 35.5 एमएम बारिश रिकार्ड दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 4.5 और न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया है। रानीचौरी मौसम विज्ञान केंद्र के तकनीकी अधिकारी प्रकाश नेगी ने बताया कि बारिश और बर्फबारी फसलों और फलदार पेड़ों के लिए लाभदायक है। सिर्फ खेतों में पानी जमा नहीं होना चाहिए। पानी जमा होने से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।