थौलधार ब्लाक में वर्षों पहले काटी गई आठ सड़कों पर लोगों को भगवान भरोसे सफर करना पड़ रहा है। सड़कों का सुधारीकरण और डामरीकरण नहीं होने से वाहन संचालन के लिए एआरटीओ की एनओसी भी नहीं मिल रही है।
थौलधार ब्लाक में उनियालगांव-नागराजाधार पांच किमी, भंडार्की-गैर 14 किमी, लालुरी-घियाकोटी पांच किमी, मैंडखाल-साबली चार किमी, स्यांसू-रतवाड़ी आठ किमी, बागबाटा-कांडीखाल नौ किमी, ज्वारना-बंग्याल सात किमी और रमोलगांव-सैनसारी सात किमी सड़क की कटिंग तीन से छह साल पहले की गई थी। सड़कों का सुधारीकरण और डामरीकरण होने के बाद ही एआरटीओ सड़क का निरीक्षण करने के बाद यातायात संचालन के लिए एनओसी जारी करते हैं, लेकिन वर्षों से सड़क का इंतजार कर रहे लोग पहले चरण की कटिंग होते ही वाहनों का आवागमन शुरू कर देते हैं। हालांकि विभाग की ओर से अधूरी सड़कों पर यातायात संचालन नहीं करने का चेतावनी बोर्ड भी लगाया जाता है, लेकिन इस चेतावनी को दरकिनार कर हर दिन दर्जनों वाहनों का आवागमन हो रहा है। ऐसी स्थिति में कोई दुर्घटना होने पर उसकी भरपाई करना आसान नहीं है। पीएमजीसवाई के अपर सहायक अभियंता सुमित सैनी और लोनिवि के अवर अभियंता अमित गौड़ ने कहा कि बजट देर से मिलने के कारण सड़कों का डामरीकरण जल्द नहीं कर पाते हैं।