अब कश्मीरी अखरोट यहां के किसानों की किस्मत भी संवारेगा। ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए राज्य में वन विभाग का पहला मदर ब्लाक रानीचौरी में बनकर तैयार हो गया है। इसमें जम्मू-कश्मीर और हिमाचल से लाए गए उच्च गुणवत्ता के कागजी अखरोट की पौध लगायी गई है।
वन विभाग की योजना परवान चढ़ी, तो आने वाले दिनों में टिहरी भी कागजी अखरोट उत्पादन में जम्मू कश्मीर की बराबरी कर सकेगा। अभी तक क्षेत्र में अखरोट की नर्सरी न होने कारण किसानों को पौध के लिए चक्कर काटने पड़ते थे। समस्या को देखते हुए वन विभाग का कागजी अखरोट का पहला मदर ब्लाक नरेंद्रनगर वन प्रभाग ने रानीचौरी के निकट फकुवापानी में तैयार की है। नर्सरी में जम्मू कश्मीर और हिमाचल की उन्नत प्रजाति के कागजी अखरोट की पौध तैयार होंगे। विभाग का दावा है कि अखरोट की यह प्रजाति तीसरे साल से ही फल देना शुरू कर देती है। छठवें वर्ष से प्रति पेड़ 25 किलो से अधिक उत्पादन मिलता है। एसडीओ मनमोहन सिंह बिष्ट का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए रानीचौरी में अखरोट का मदर ब्लाक तैयार किया गया है। जल्द ही उच्च गुणवत्ता के कागजी अखरोट की पौध तैयार होने के बाद वन पंचायत और ग्रामीणों को वितरित की जाएगी।