कंडीसौड़ (टिहरी)। चारधाम यात्रा शुरू होने में अब कुछ दिन का समय रह गया है, लेकिन चंबा-धरासू हाईवे पर पनियाली भूस्खलन पर लगे मलबे के ढेर का निस्तारण करना बीआरओ के लिए चुनौती बना हुआ है। मलबा निस्तारण के लिए आसपास डंपिंग जोन नहीं होने के कारण दिक्कतें आ रही है। भले ही पनियाली में हाईवे को चौड़ा करने के लिए बीआरओ ने कुछ मलबे को ढिक्यारा खाले में डंप किया है, लेकिन बारिश के सीजन में खतरे को दिखते हुए स्थानीय लोग अब वहां मलबा डालने पर आपत्ति जता रहे हैं।
ऑलवेदर परियोजना के तहत चंबा-धरासू हाईवे का तीन साल पहले चौड़ीकरण किया गया। पनियाली के समीप पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण पिछले सालभर से वहां हाईवे पर मलबे का ढेर लगा हुआ है। मलबा साफ करने में पहले हाईवे के ऊपर बने दो हाईटेंशन विद्युत लाइन के टॉवर बाधा बने हुए थे। क्योंकि वहां पर मलबा साफ करने पर हाईटेंशन लाइन के टॉवर गिरने का खतरा बना हुआ था।
खतरे को देखते हुए बीते दिसंबर में विद्युत टॉवरों को वहां से लगभग 50 मीटर दूर शिफ्ट कर दिया गया था, लेकिन वहां हाईवे पर गिरे मलबे का निस्तारण करना बीआरओ के लिए अब भी चुनौती बनी हुई है। मलबा हटाने के लिए बीआरओ ने केसीसी कंपनी को कार्य दिया है, लेकिन आसपास मलगा डालने के लिए डंपिंग जोन नहीं है।
स्थानीय निवासी मुकुंदराम नौटियाल, पीतांबर दत्त उनियाल, जीत सिंह नेगी, गोविंद सिंह राणा का कहना है कि ढिक्याराखाल में मलबा डालने से बारिश के दिनों में खतरा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से मलबा निस्तारण के लिए जल्द डंपिंग जोन बनाने की मांग की है। केसीसी कंपनी के परियोजना निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि डंपिंग जोन के लिए जगह उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन से बात चल रही है। जल्द ही समस्या समाधान कर लिया जाएगा।