टिहरी बांध की झील में डूब चुके देवीसौड़ पुल के स्थान पर चार साल से बन रहे चिन्यालीसौड़ मोटर पुल के निर्माण की गति ने तेजी पकड़ी है। कार्यदायी संस्था ने दोनों साइड के 278 मीटर के ओवर ब्रिज, टावर से लेकर अन्य सिविल कार्य को कार्य पूरे कर मुख्य पुल को जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ऋषिकेश में तैयार किया गया फैब्रिकेशन साइड पर पहुंचना शुरू हो गया है। करीब 15 दिन के अंदर मुख्य पुल को जोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। पुनर्वास के अधिकारियों के दावों पर यकीन करें, तो जुलाई से पुल के ऊपर यातायात शुरू हो जाएगा।
भागीरथी नदी के आरएल 843 मीटर की ऊंचाई पर चिन्यालीसौड़ में उत्तरकाशी जिले के दो दर्जन से अधिक गांव को आवागमन की सुविधा के लिए 440 मीटर स्पॉन के मोटर पुल का निर्माण अवस्थापना खंड पुनर्वास नई टिहरी ने कार्यदायी संस्था हिलबेज कंसट्रक्सन को दिया था। कंपनी ने वर्ष 2013 में काम शुरू किया था, जिसको अनुबंध के अनुसार 15 माह के अंदर पुल तैयार करके देना था। अनुबंध के मुताबिक 37 करोड़ 62 लाख में बनना था।
बावजूद कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी के चलते निर्माण तय समय पर पूरा नहीं हो पाया। पुल का निर्माण तकनीकी कारणों और जलस्तर में वृद्धि के कारण एक साल पूरी तरह बंद रहा, जिससे वर्तमान में पुल की लागत 52 करोड़ 75 लाख पहुंच गई है। अब पुल के दोनों साइड के 278 मीटर के आरसीसी ओवर ब्रिज, टावर से लेकर ऋषिकेश में तैयार किया गया पुल का फैब्रिकेशन का सामान साइड पर पहुंचाना शुरू हो गया है। साथ ही सामान आरपार लाने के लिए ट्राली का निर्माण चल रहा है। करीब 15 दिन के अंदर मुख्य पुल को जोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। वर्ष 2005 टिहरी बांध की झील भरने के कारण चिन्यालीसौड़ स्थित देवीसौड़ पुल झील में डूब चुका था।
फैब्रिकेशन का सामान पहुंचना शुरू हो गया है। करीब 15 दिन के अंदर पुल जोड़ने का काम शुरू हो जाएगा। जुलाई से पुल के ऊपर आवागमन शुरू होने की उम्मीद है।
-शरद श्रीवास्तव, ईई, अवस्थापना खंड पुनर्वास नई टिहरी।