थौलधार ब्लॉक मुख्यालय कंडी बाजार में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या का समाधान नहीं होने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जल संस्थान कार्यालय में प्रदर्शन किया। जल्द जलापूर्ति नियमित नहीं करने पर जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी करने की चेतावनी दी।
कंडीसौड़ बाजार में करीब आठ माह से पेयजल की समस्या बनी हुई है। जल संस्थान कार्यालय में धमके ग्रामीणों ने कहा कि बढ़ती गर्मी में उन्हें एक टाइम एक घंटे भी पानी नहीं मिल पा रहा है। गुस्साए लोगों ने कहा कि जल संस्थान पर्याप्त जलापूर्ति नहीं करा सकता है, तो वह कार्यालय पर ताले जड़कर उसे बंद कर देगी। जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों में देवेश्वरी, लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, रणवीर सिंह गुसाईं, प्रेमलाल भट्ट और नागेंद्र आदि शामिल थे।
इस बाबत जल संस्थान के सहायक अभियंता गिरीश सेमवाल ने कहा कि ऑलवेदर रोड के कारण पेयजल योजना के कुछ पाइप हटाए गए हैं, जिससे रबड़ के पाइप लगाकर अस्थायी व्यवस्था की गई है। सड़क निर्माण के कारण कई बार रबड़ के पाइप हट रहे हैं, जिससे आपूर्ति बाधित हो रही है। बावजूद वहां फीटर को चौकसी बरतने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक सड़क का निर्माण का काम पूरा होने के बाद वहां पाइप लगाए जाएंगे, उसके बाद नियमित पर्याप्त जलापूर्ति शुरू हो जाएगी।
कोश्यार ताल पंपिंग से शुरू करवाएं पेयजल आपूर्ति
नई टिहरी। विधायक डा. धन सिंह नेगी ने जाखणीधार क्षेत्र की पेयजल समस्या को हल करने के लिए जल निगम के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोश्यार ताल पंपिंग योजना के द्वितीय चरण पर जलापूर्ति तत्काल शुरू की जाए।
उन्होंने एसई को भेजे पत्र में बताया कि इस साल बारिश और बर्फबारी कम होने से प्राकृतिक जल स्रोतों पर पानी का डिस्चार्ज कम है। ऐसे में गर्मी के सीजन में पेयजल किल्लत बढ़ेेगी। कहा कि कोश्यार ताल पंपिंग योजना के द्वितीय चरण के लिए जाखणीधार ब्लॉक के गौंसारी, गराकोट, खस्तल, रामा, पजियाणा, चौंड-जसपुर, सिंगोली, काटल, मरोड़ा, झेलम, अनेठी, रतोली, परसारी, खांड, मल्याकोट, छेटी, डांगी आदि गांवों में पाइप लाइन बिछा दी गई हैं। ऐसे में तत्काल पंपिंग योजना से गांवों में जलापूर्ति कराई जाए। संवाद
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया जल संस्थान कार्यालय का घेराव
एक सप्ताह में पेयजल आपूर्ति बहाल न किए जाने पर फूटा गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवप्रयाग। विकासखंड के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जल संस्थान कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। कहा कि क्षेत्र के अधिकांश प्राकृतिक जलस्रोत सूखने से ग्रामीण विगत तीन माह से आए दिन पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन विभाग समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
भरपूर क्षेत्र के कुर्न, चिलपड़, सौड, डोबरी, बछेलीखाल आदि गांवों के लोग भारी पेयजल संकट से जूझ रहे है। मंगलवार को जल संस्थान कार्यालय पहुंचे परेशान ग्रामीणों ने कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपते हुए जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र रावत व प्रधान पुष्पा रावत ने कहा कि समस्या को लेकर कई बार लिखित और मौखिक रूप में शिकायत की गई है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। चिलपड़ की प्रधान नंदेश्वरी देवी ने गांव में टैंकर लगाए जाने की मांग की। प्रधान सौड़ राकेश व क्षेत्रपंचायत सदस्य शशी देवी ने कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों पर पानी बहुत कम हो चुका है। जिस कारण ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे है। ग्रामीणों ने एक सप्ताह के अंदर जलापूर्ति सुचारु न होने पर जल संस्थान के कार्यालय पर तालाबंदी और आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। इस मौके पर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों से कहा कि ऋषिकेश-बदरीनाथ मोटर मार्ग पर कटिंग का कार्य किया जा रहा है। जिस कारण आए दिन पाइप लाइन टूट रही है। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए आक्रोशित ग्रामीणों से एक सप्ताह का समय मांगा है।