भू-कटाव से गंगोत्री हाईवे पर दुआधार के पास ढहने का खतरा मंडरा रहा है। बावजूद इसके बीआरओ गंभीर नहीं है। मार्ग के धंसने के बाद विभाग का दावा है कि मौके पर ट्रीटमेंट वर्क के तहत पुश्ता लगाने का कार्य शुरू करा दिया है, लेकिन कार्य अत्यधिक धीमी गति से चल रहा है। सड़क के धंसाव वाले हिस्से पर रिफलेक्टर और पत्थरों की लाइनें रखकर सुरक्षा की जा रही है। ऐसे में रात होते ही यहां बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
सीमा सड़क संगठन हाईवे के इस खतरनाक पैच में जिस तरह से कछुआ चाल से कार्य कर रहा है, उससे तेज बारिश में सड़क कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। फकोट के समीप भी पहाड़ी से मलबा आने के कारण हाईवे का पुश्ता ढह गया है, लेकिन बीआरओ द्वारा अभी तक ट्रीटमेंट कार्य शुरू नहीं कराया गया।
ताछला और खाडी से चंबा के मध्य कई स्थानों पर हल्की बारिश से ही पहाड़ी से मलबा गिरने से वाहनों को आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं। इस बाबत बीआरओ के कैप्टन सिद्धार्थ का कहना है कि पुश्ता ढहने की जानकारी मिलने के बाद ही ट्रीटमेंट कार्य शुरू करा दिया गया था। हाईवे पर ऐहतियात के तौर पर रिफलेक्टर लगाए गए हैं, जिससे वाहन हाईवे के धंसाव वाले हिस्से में न जाए।