चारधाम यात्रा की तैयारियों के तहत एडीएम ने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों के साथ चंबा-धरासू मोटर मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान बरसात के मौसम में यातायात को बाधित करने वाले 11 डेंजर जोन चिह्नित किए गए।
गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा को सुचारू रखने के लिए डेंजर जोन का ट्रीटमेंट करने के साथ ऐसे स्थानों पर मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन रखने के निर्देश दिए गए।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट नौ मई को खोले जाएंगे। 2013 की आपदा के बाद इस वर्ष अधिक यात्रियों के धाम पहुंचने की संभावना है। इससे शासन-प्रशासन का यातायात व्यवस्था सुचारू रखने पर विशेष फोकस है।
बारिश के मौसम में कहीं सड़क बाधित नहीं हो इसके लिए डेंजर जोन चिह्नित कर उसका ट्रीटमेंट पर जोर दिया जा रहा है। बृहस्पतिवार को एडीएम जगदीश लाल, बीआरओ के इंजीनियर मोहन सिंह और नायब तहसीलदार जगत सिंह धनोला ने चंबा-धरासू राजमार्ग पर नगुण तक संयुक्त निरीक्षण किया।
जहां बरसात के समय सक्रिय होने वाले ढिक्यारा गाड, कोटीगाड, सिंवाली गाड, शंकर बैंड और रत्नोगाड सहित 11 डेंजर जोन चिह्नित किए, जो अक्सर बारिश के मौसम में परेशानियां पैदा करते हैं।
ऐसे क्षेत्रों पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए तत्काल प्रभाव से उनका ट्रीटमेंट करने और बारिश के मौसम में उन स्थानों पर मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। बीआरओ को बाजार के पास गति अवरोधक लगाने को भी कहा गया है।