देवप्रयाग विधानसभा में पौड़ीखाल क्षेत्र के ग्राम डोभ में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने विवाहिता के पति, सास-ससुर के खिलाफ हिडोलाखाल थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं सोमवार को पुलिस ने विवाहिता के पति को गिरफ्तार कर लिया है।
बेटी का शव लेकर पुलिस के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचे जगधार (पौड़ीखाल) निवासी भरत सिंह बिष्ट ने बताया कि रविवार सात मई को साढ़े बारह बजे भगवान सिंह के चाचा विक्रम सिंह ने सूचना दी कि उनकी बेटी सपना (24) पत्नी भगवान सिंह ने फांसी लगा ली।
परिजन आनन-फानन में गांव के कुछ लोगों के साथ बेटी की ससुराल डोभ पहुंचे। वहां देखा तो सपना के मुंह पर काफी चोट के निशान थे और शरीर खून से लथपथ पड़ा हुआ था। उन्होंने बताया कि सुसराल वाले फांसी लगाने की झूठी कहानी बना रहे हैं, जिस कमरे में शव पड़ा हुआ था उसकी ऊंचाई बहुत कम है। वहां कोई फांसी नहीं लगा सकता।
भरत सिंह ने बताया कि चार साल पहले बेटी का विवाह करने के बाद से ही ससुराली दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मुंह और शरीर पर गंभीर चोट के निशान दिख रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि सपना की बर्बरता से हत्या की गई है।
मृतका के पिता ने हिंडोलाखाल पुलिस थाने में पति भगवान सिंह, ससुर गुलाब सिंह और सास सुशीला देवी के खिलाफ हत्या करने की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। तहरीर के आधार पर एसएसपी एनएस नपलच्याल ने सीओ नरेंद्रनगर गोविंद बल्लभ पांडे को जांच सौंपी।
सीओ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सोमवार सुबह विवाहिता के पति भगवान सिंह को हिंडोलाखाल बस अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि आरोपी ताइवान में नौकरी करता है, इसलिए वह वहीं भागने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने बताया कि मृतका के सास-ससुर घर से फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। सीओ ने बताया कि आरोपी भगवान सिंह को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। जहां न्यायालय ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।