खंड़जा निर्माण में प्रयोग हुई ईंट का भुगतान करने के नाम पर घूस मांग रहे वीडीओ को सोमवार की दोपहर लखनऊ की एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बीडीओ के खिलाफ एंटी करप्शन की टीम ने कोतवाली नगर में केस दर्ज कराया है। इस कार्रवाई से विकास महकमे में हड़कंप मचा है।
गोसाईगंज थाना क्षेत्र के इटकौली गांव का जुबेर महमूद कुड़वार ब्लॉक में धरावां गांव का ग्राम विकास अधिकारी है। धरावां गांव की प्रधान रेहाना बानो ने गांव में एक लाख 71 हजार रुपये की लागत से 146 मीटर खंड़जा का निर्माण कराया था। वीडीओ ने निर्माण कार्य का 50 हजार दो सौ रुपये का पेमेंट रोककर शेष का भुगतान कर दिया था। प्रधान प्रतिनिधि इसारत अहमद ने कई बार वीडीओ से मजदूरों का बाकी 13 हजार पांच सौ रुपये और भट्ठे का शेष रुपये देने के लिए चेक काटने की बात कही, लेकिन वह इसके लिए 20 हजार रुपये घूस मांग रहा था।
दो महीने से वीडीओ लगातार इसारत को दौड़ा रहा था। हिम्मत जुटाकर इसारत ने एंटी करप्शन के डीजी से मुलाकात की और उन्हें अपनी परेशानी बताई। डीजी ने लखनऊ के एसपी पूर्वी को टास्क फोर्स गठित करने का निर्देश दिया। एसपी के निर्देशन में एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर वीपी चतुर्वेदी, सुंदर सिंह सोलंकी, रमेश कुमार व सिपाही सतीश चंद्र दुबे, जगदीश तिवारी, देव प्रकाश और राजेंद्र सिंह की टीम का गठन किया गया। सोमवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे एंटी करप्शन की टीम दो वाहनों से सुल्तानपुर शहर पहुंची।
टीम ने प्रधान प्रतिनिधि इसारत से संपर्क कर उन्हें वीडीओ को बुलाने को कहा। प्रधान प्रतिनिधि ने वीडीओ जुबेर महमूद से बात की तो वह एक होटल पर मिलने को राजी हो गया। अपराह्न करीब तीन बजे एंटी करप्शन की टीम पहले से ही होटल में बैठकर चाय पी रही थी। प्रधान प्रतिनिधि को वीडीओ ने 13 हजार पांच सौ रुपये का चेक दिया। जब प्रधान प्रतिनिधि ने शेष रकम का चेक मांगा तो उसने 20 हजार रुपये घूस की फिर मांग की। प्रधान प्रतिनिधि ने जैसे ही 20 हजार रुपये निकालकर जुबेर महमूद को थमाया, एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया।