कोरोना वायरस का खौफ जिले में लोगों में साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि होली के त्योहार को लेकर भी लोगों में अधिक उत्साह नहीं है। होली के रंगों और पिचकारियों की खरीदारी करने में भी लोग एहतियात बरत रहे हैं।
टिहरी जिले में होली के दौरान पिछले साल तक जहां बाजारों में खरीदारी करने के लिए लोगों खूब रौनक देखने को मिलती थी वही इस बार में सन्नाटा पसरा हुआ है। होली के रंग विक्रेता विजयपाल राणा ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण इस बार होली पर पिछले वर्षों की तुलना में रंग की 30 से 35 प्रतिशत बिक्री कम हो रही है। कमोवेश यही स्थिति मिठाई की दुकानों पर भी बनी है। व्यापारी मदन चौहान ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मावा की बिक्री 20 प्रतिशत तक कम हुई है।
रुद्रप्रयाग जिले में भी बाजारों में रौनक गायब है। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग के व्यापारी सुरेंद्र सिंह कप्रवाण ने बताया कि होली के लिए 60 हजार रुपये के रंग, पिचकारी आदि सामान मंगाया गया, लेकिन अभी तक पांच हजार रुपये तक की बिक्री नहीं हो पाई है। कोरोना के भय के चलते रंग, पिचकारी, पानी के गुब्बारों की बिक्री ना के बराबर है। जबकि बीते वर्ष, तीन बार सामान मंगाना पड़ा था। ऊखीमठ के व्यापारी राम स्वरूप त्रिवेदी, कलम सिंह रावत, महावीर रावत ने बताया कि कोरोना के चलते पहले से ही डिमांड कम की थी, लेकिन जितना सामान भी मंगाया है, उसका दस फीसदी भी नहीं बिक पाया है।