स्वामी रामतीर्थ परिसर बादशाहीथौल में पदोन्नति सहित अन्य मांगों को लेकर कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार तीसरे दिन भी जारी रहा। गुस्साए कर्मियों ने परिसर निदेशक का घेराव कर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर 10 दिसंबर से उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। एसआरटी परिसर बादशाहीथौल में कार्यरत कर्मचारियों की 15 से 20 सालों से पदोन्नति नहीं हो पाई है। केंद्रीय विवि के हिसाब से पदों का ढांचागत पुनर्गठन नहीं होने से कर्मचारियों को केंद्रीय विवि की सेवाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
इतना ही नहीं अभी तक कर्मचारियों की सेवा नियमावली भी नहीं बन पाई है। ऐसे में सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है। परिसर में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कई संविदा कर्मियों को 22 साल से अधिक गुजर गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। इन मांगों के निराकरण के लिए कर्मचारियों ने पिछले दिनों से एक घंटे का कार्य बहिष्कार शुरू किया हुआ है।
शनिवार को गुस्साए कर्मियों ने परिसर निदेशक प्रो. आरसी रमोला का घेराव कर रोष जताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विवि बनने के बाद भी कर्मियों की कोई सुध नहीं ली जा रही है। विवि के अधिकारी हर मांग के लिए मानव संसाधन मंत्रालय से कार्रवाई होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चतकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
कार्य बहिष्कार करने वालों में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रविंद्र नेगी, सचिव कृपाराम जोशी, कार्यालय अधीक्षक शंकरलाल भट्ट, सुदामा लाल, पुस्तकालयाध्यक्ष हंसराज बिष्ट, हीरालाल गैरोला, राजेंद्र कठैत, राकेश कोठारी, धर्म सिंह पंवार, बुद्धि सिंह राणा, राजकिशोर थपलियाल, रामेश्वर रतूड़ी, मुकेश कुमार, अनुप थपलियाल, कुलदीप भट्ट, आनंद मियां, सुभाष चौहान, देवेंद्र सिंह, राकेश रमोला, दिनेश मंमगाई, प्यारे लाल, मोहन सिंह, आशा, संध्या, ममता आदि शामिल थे।