जनता ने सूबे में परिवर्तन का मन बना लिया है, ऐसे में भाजपा विधानसभा चुनावों में 55 सीटें हासिल कर सरकार बनाएगी। यह दावा पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पार्टी की ओर से जौन ब्लाक मुख्यालय थत्यूड़ में आयोजित परिवर्तन यात्रा के दौरान किया है।
शुक्रवार को यात्रा ब्लाक मुख्यालय पहुंची, इस दौरान आयोजित सभा में पूर्व सीएम बहुगुणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हरीश रावत जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है। वह जांच से बचना चाहते हैं, स्टिंग आपरेशन व सीबीआई जांच के खिलाफ हाईकोर्ट की शरण में गए। बहुगुणा का कहना है कि यदि वह गलत नहीं हैं तो जांच में सहयोग क्यों नहीं कर रहे। नारायण दत्त तिवारी के मुख्यमंत्री रहते हुए रावत ने उन्हें कार्य नहीं करने दिया।
मुख्यमंत्री बनने के बाद रावत ने पार्टी के विधायकों व संगठन के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया, जिस कारण 10 विधायक बाहर हो गए। सीएम हरीश रावत के संगठन अध्यक्ष के साथ रिश्ते कभी ठीक नहीं रहे, जो उनका विरोध करते हैं वह उन्हें बर्दास्त नहीं कर पाते। सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की लहर है, जिससे परिवर्तन निश्चित है। दावा किया कि बहुमत के साथ सरकार भाजपा की बनेगी। रथ यात्रा को जनता का समर्थन मिल रहा है। पूर्व काबीना मंत्री खजान दास ने कहा कि परिवर्तन के लिए यात्रा को अपार जनसमर्थन मिल रहा है।
विधायक महावीर रांगड़ ने कहा कि धनोल्टी विधानसभा में भाजपा के पक्ष में माहौल बन गया है, जनता भय व भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के लिए भाजपा को समर्थन देगी। सभा में प्रदेश मंत्री व रथ प्रभारी महेंद्र भट्ट, ज्येष्ठ प्रमुख भोला सिंह परमार, श्याम सिंह पंवार, पूर्व प्रमुख गीता रावत, राजेश नौटियाल, मीरा सकलानी, गीता रावत, ब्लाक प्रमुख कुंवर सिंह पंवार, रेखा डंगवाल, जिलाध्यक्ष संजय नेगी आदि ने विचार रखे। मौके पर नर्मदा नेगी, सुनील थपलियाल, आशुतोष कोठारी, वीरेंद्र राणा, सोबत सिंह पंवार, श्याम सिंह पंवार, राकेश उनियाल, हुकम सिंह हटवाल, अरविंद सकलानी आदि मौजूद थे।
रैली के मंच पर विरोधाभास
परिवर्तन रैली में मंच पर ही विरोधाभास नजर आया। अपने संबोधन के दौरान भाजपा नेता राजेश नौटियाल ने भाजपा विधायक महावीर रांगड़ का विरोध किया व कहा कि जब तक पार्टी किसी को टिकट नहीं देती, तब तक किसी एक व्यक्ति विशेष का नाम लेना ठीक नहीं। उन्होंने मंच से स्वयं को चुनाव में पार्टी से दावेदार बताया। कहा कि पार्टी को इस पर विचार करना चाहिए।