सीटू के बैनर तले विभिन्न संगठनों ने जुलूस निकालकर लंबित समस्याओं के निराकरण की मांग की। उन्होंने डीएम ने टीएचडीसी से निकाले गए 27 कर्मियों की बहाली करने और नोटबंदी को लेकर आम जनता को हो परेशानियों के संबंध में राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
मंगलवार को सीटू ने सुमन पार्क से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर केंद्र सरकार एवं टीएचडीसी प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने केंद्र सरकार पर नोटबंदी की आड़ में गरीब जनता को परेशान करने का आरोप लगाते हुए जल्द समस्या को दूर करने की मांग को राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। कहा देश की दो से तीन फीसदी जनता की कैशलेस की सुविधा का इस्तेमाल करती है।
ऐसे में बाजार में छोटे नोट नहीं होने से आम जनता के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि टीएचडीसी की अनुबंधित कंपनी के साथ वर्षों से श्रमिक कार्यरत थे, लेकिन अब टीएचडीसी ने नई कंपनी से अनुबंध कर पुराने श्रमिकों को निकाल कर रोजगार छीनने लगा है।
बताया कि कार्यरत 27 श्रमिकों की सेवाएं समाप्त कर दी है। श्रमिक संघ टीएचडीसी के दफ्तर में 26 दिसंबर से धरनारत है। बावजूद कर्मियों की सेवा बहाली नहीं हो रही है।
जुलूस निकालने वालों में किसान सभा के जिला सचिव भगवान सिंह राणा, नित्यानंद बहुगुणा, अर्जुन रावत, राकेश कठैत, श्रीपाल चौहान, कुलदीप नेगी, मंजू नेगी, लक्ष्मी पंवार, मंजू नौटियाल, प्रमिला, प्रकाशी, गीता, रुशना, माला, सलोनी, रेखा, कल्पना, अनीता, गुड्डी, रजनी, केशरी, प्रियांशी आदि मौजूद थे।