रसोई गैस की भांति अब सरकारी राशन के लिए भी आधार नंबर जरूरी हो गया है। इसके पीछे यह मनसा है कि राशन पर मिलने वाली सब्सिडी भी उपभोक्ताओं के खाते में आ सके। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक आधार राशन कार्ड से लिंक नहीं करवाए, उन्हें विभाग ने 15 मार्च तक आधार कार्ड उपलब्ध करवाने का आखिरी मौका दिया है। इसके बाद आधार नंबर न देने वाले उपभोक्ताओं के राशन कार्ड निरस्त माने जाएगा। पूर्ति विभाग ने सभी उपभोक्ताओं को अपने-अपने क्षेत्र के सहकारी राशन विक्रेताओं को आधार कार्ड नंबर देने को कहा है।
सरकार के निर्देश पर एक साल से उपभोक्ताओं के आधार कार्ड को राशन कार्ड से लिंक करने का काम चल रहा है। जिलेभर के एक लाख 50 हजार 789 राशन कार्डों पर छह लाख 89 हजार 95 हजार यूनिट है, लेकिन सालभर में केवल तीन लाख तीन लाख 15 हजार सात सौ 73 यूनिटों के ही आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक हो सके हैं।
जबकि तीन लाख 73 हजार 302 यूनिटेें अभी भी लिंक होने बाकी है। प्रत्येक राशन कार्ड में जितने सदस्य हैं। सभी के आधार कार्ड लिंक होने हैं। इसके लिए जिला पूर्ति विभाग ने अभी अवशेष कार्ड धारकों को अपने-अपने क्षेत्र के सहकारी राशन विक्रेताओं के पास 15 मार्च तक आधार कार्ड नंबर उपलब्ध करवाने होंगे। जो उपभोक्ता आधार कार्ड उपलब्ध नहीं करवाए, उनके राशन कार्ड विभाग 31 मार्च के बाद निरस्त माने जाएंगे।
अवशेष उपभोक्ताओं का 15 मार्च तक अनिवार्य रूप से आधार नंबर अपने-अपने क्षेत्र के राशन विक्रेताओं को उपलब्ध करवाने को कहा गया है। साथ ही विक्रेताओं को भी आधार नंबर मिलते ही विभाग को देने होंगे। ताकि समय पर आधार नंबर को राशन कार्ड से लिंक किया जा सके।
-किशन सिंह भंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी टिहरी।