सिया बोली 'मैं तो पैदा ही बागी हुई थी! फिर उससे मिली वो भी बागी! धमाका तो होना ही था! और फिर रॉनी ने कहा 'अभी तो मैंने स्टार्ट किया है’। बागी फिल्म के इन दोनों डॉयलॉगों सुनकर दर्शकों ने सीटियां बजानी शुरू कर दी। पहली बार नई टिहरी में लोगों ने सिनेमा हॉल का मजा लिया।
त्रिहरि सिनेमा में पहले दिन बागी फिल्म का करीब 300 लोगों ने बड़े पर्दे का लुत्फ उठाया। शुक्रवार को नगर पालिका की पहल पर नवनिर्मित सिनेमा हॉल का शुभारंभ सीडीओ डा. इकबाल अहमद और पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने किया। सीडीओ ने कहा कि सिनेमा मनोरंजन का सर्वश्रेष्ठ साधन है।
अध्यक्ष गुसाईं ने कहा कि वर्ष 2012 में सिनेमा हॉल बनाने का बोर्ड प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन कुछ दिक्कतों से वह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया। डीएम ज्योति नीरज खैरवाल के सहयोग से सिनेमा हॉल का शुभारंभ हो पाया। उन्होंने बताया कि सिनेमा हॉल ट्रायल के तौर पर छह माह के लिए आउटसोर्स पर दिया गया है।
पुरानी टिहरी के बाद लंबे अर्से से बड़े पर्दे पर फिल्म देखना लोगों के लिए काफी रोमांचक रहा। पुरानी टिहरी में दो सिनेमा हॉल लक्ष्मी टॉकीज और स्वास्तिक सिनेमा थे। 1985 में आग लगने से लक्ष्मी टॉकीज बंद हो गया था। स्वास्तिक सिनेमा वर्ष 2000 में बंद हुआ। वहां पर आखिरी फिल्म राजा हिंदुस्तानी दिखाई गई थी। बांध बनने के बाद नई टिहरी में लोगों को पुनर्वासित किया गया। यहां अब तक पिक्चर हॉल नहीं था। सिनेमा हॉल को लेकर लोग पहले दिन काफी उत्साहित नजर आए।
बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने बागी फिल्म का लुत्फ उठाया। पालिका की ओर से पहला शो मुफ्त में दिखाया गया। इस मौके पर सीएमओ डा. अर्जुन सिंह सेंगर, ईई जगमोहन चौहान, ईओ संजय कुमार, सभासद चिंरजीव तिवाड़ी, ऊषा पुनेठा, शकुंतला नेगी, उर्मिला महर, कुसम चौहान, जयवीर रावत, मुकेश रतूड़ी, प्रवीन रावत, अनुज उनियाल,रागनी भट्ट, विद्या नेगी, अंकिता, महीपाल नेगी, गिरीश घिल्डियाल, कमलेश ध्यानी, सरताज अली आदि मौजूद थे।