चंबा (टिहरी)। राजकीय महाविद्यालय चंद्रबदनी नैखरी को श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस कॉलेज बनने में अभी लंबा वक्त लग सकता है। कैंपस कॉलेज में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की तैनाती के लिए शासनस्तर पर पदों के सृजन की प्रक्रिया चल रही है। विवि प्रशासन ने चंद्रबदनी नैखरी महाविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों से विवि या फिर राजकीय महाविद्यालय में सेवा देना का विकल्प मांगा है। कैंपस मर्जर के मामले में अंतिम निर्णय शासनस्तर से लिया जाना है।
राजकीय महाविद्यालय चंद्रबदनी नैखरी को श्रीदेव सुमन विवि का कैंपस बनाने की स्वीकृति सरकार ने 27 जून 2023 को दी थी। गत वर्ष 18 जुलाई को महाविद्यालय की सौ नाली भूमि विवि के नाम भी दर्ज हो चुकी है। श्रीदेव सुमन विवि की ओर से शासन को कैंपस कॉलेज में 76 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के पदों का सृजन करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि इस शिक्षा सत्र जुलाई से चंद्रबदनी नैखरी में विवि का कैंपस कॉलेज अस्तित्व में आ जाएगा, लेकिन शासनस्तर से मामले में विवि को कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं, जिससे अब कैंपस कॉलेज के कैंपस मर्जर होने में लंबा समय लगने की संभावना है।
महाविद्यालय में वर्तमान में बीए, बीएससी और एमए की कक्षाएं संचालित हो रही है। इसके अलावा स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम के अंतर्गत होटल मैनेजमेंट का कोर्स चल रहा है। कुलपति प्रो. एनके जोशी ने बताया कि राजकीय महाविद्यालय चंद्रबदनी नैखरी को कैंपस कॉलेज बनाने की प्रक्रिया चल रही है। वहां कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों से विवि और राजकीय महाविद्यालय में सेवा देने का विकल्प मांगा गया है, जो शासनस्तर पर विचाराधीन है। टीचिंग और नॉन टीचिंग के पदों का सृजन करने की प्रक्रिया शासनस्तर पर चल रही है।