शिक्षा विभाग की ओर से राजस्व विभाग के भवन का करीब 45 लाख किराया नहीं देने पर एसडीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर ताले जड़ दिए। हालांकि बाद में ताले खोल दिए गए। उसके बाद विभाग का कामकाज सामान्य रूप से चलने लगा।
मुख्य शिक्षाधिकारी (सीईओ) कार्यालय के कर्मचारी सोमवार सुबह जब तहसील की ऊपरी मंजिल में स्थित अपने दफ्तर पहुंचे तो दरवाजों पर डबल ताले लगे देख भौंचक रह गए। कर्मचारियों ने वहां तैनात एक होमगार्ड से पूछा तो पता चला कि एसडीएम ने ताले लगवाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग लंबे समय से भवन का किराया नहीं दे रहा है। हालांकि बात आगे बढ़ने पर कुछ देर बाद ही दफ्तर के सभी ताले खोल दिए गए।
एसडीएम केके मिश्र ने बताया कि तहसील भवन की ऊपरी मंजिल सीईओ दफ्तर को किराये पर दी गई है। कई बार कहने पर भी शिक्षा विभाग किराये का भुगतान नहीं कर रहा है। साथ ही भवन भी खाली नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग पर किराये का 45 लाख रुपये बकाया चल रहा है। एसडीएम ने कहा कि भवन की उन्हें स्वयं भी जरूरत है। सीईओ दफ्तर को एससीईआरटी भवन पर शिफ्ट किया जा सकता है, लेकिन शिक्षा विभाग इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में उन्हें सोमवार को सीईओ दफ्तर पर ताले लगाने पड़े हैं। कर्मचारियों के वहां एकत्रित होने पर 15 मिनट बाद ही ताले खोले गए। क्षेत्र के मदन सिंह भंडारी, राजू भारती और आशुतेष भंडारी ने प्रशासन पर भवन को जानबूझकर खाली कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह दफ्तर नई टिहरी शिफ्ट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जबरन ऐसा किया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
तहसील भवन खाली करने और एनसीआरटी भवन लेने के लिए शासन-प्रशासन से पत्राचार किया जा रहै। यह मामला शासन स्तर का है। वहां से कोई निर्णय होता है, तो उसी के अनुरूप कार्य किया जाएगा।- ब्रह्मपाल सैनी, डीईओ (माध्यमिक) नरेंद्रनगर।