नई टिहरी में डीएम मंगेश घिल्डियाल से वार्ता करने जाते श्री गंगा भागीरथी बोट यूनियन के पदाधिकारी?
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टिहरी बांध की झील में बोटों का संचालन शुरू करने को लेकर बोट यूनियन के पदाधिकारी दो धड़ों में बंट गए हैं। यूनियन के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने शासन-प्रशासन की अनुमति के बिना बोटिंग शुरू करने का विरोध किया है। उनका कहना है कि जब तक बोट यूनियन और ऑपरेटरों की लंबित मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे बोटों का संचालन नहीं करेंगे। इधर, डीएम मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि फिलहाल शासन से बोटिंग और राफ्टिंग संचालन की अनुमति नहीं मिली है। टिहरी बांध की झील में बोटिंग शुरू करने की जांच टिहरी झील विशेष क्षेत्र पर्यटन प्राधिकरण (टाडा) एसीईओ पीआर चौहान को सौंपी गई है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। झील में सोमवार को बोटों का संचालन पूरी तरह से बंद रहा।
कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण टिहरी बांध की झील में 17 मार्च से बोटों का संचालन बंद चल रहा था। श्री गंगा भागीरथी बोट यूनियन के संरक्षक कुलदीप पंवार ने 137 दिन बाद रविवार को चंबा की पालिकाध्यक्ष सुमना रमोला के हाथों दोबारा बोटिंग का शुभारंभ कराया था, लेकिन सोमवार को श्री गंगा भागीरथी बोट संचालन यूनियन के अध्यक्ष लखवीर चौहान, सचिव जितेंद्र नेगी, अनुज उनियाल, अजय बहुगुणा, संदीप रावत सहित कई सदस्यों ने डीएम को बताया कि उन्होंने बोट संचालन शुरू नहीं कराया है। कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण बोट ऑपरेटरों/संचालकों को सरकार की ओर से पांच-पांच हजार की आर्थिक सहायता, टाडा को सालाना दी जाने वाली 60 हजार की फीस माफ करना आदि मांगें लंबित है। ऐसे में जब तक मांग पूरी नहीं होती है, वे बोटिंग शुरू नहीं कराएंगे।