हेंवलघाटी के खाड़ी, अदवाणी, पाली, चौंपा सहित दर्जनों गांवों में बदहाल विद्युत व्यवस्था सुचारु नहीं होने पर ग्रामीणों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। आक्रोशित लोगों ने बिल जमा करने आए अधिकारियों का घेराव कर बिल जमा करने से इनकार कर दिया, जिससे बिल जमा करने आए अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
नरेंद्रनगर ब्लॉक के खाड़ी, कुड़ी, स्वीर, आमपाटा, चौंपा, पिपलेथ सहित कई गांवों में लंबे समय से विद्युत व्यवस्था लड़खड़ा रही है। दिन में कई बार बिजली की आंख मिचौली के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई गांवों में बिजली की तारें झूल रही हैं और उपभोक्ताओं को मनमर्जी के बिल भेजे रहे हैं।
ऊर्जा निगम ने मंगलवार और बुधवार को दो दिन खाड़ी में बिल जमा करने की तिथि घोषित की थी। मंगलवार को ग्रामीणों के बिल जमा करने से इंकार कर देने पर बुधवार सुबह ऊर्जा निगम एसडीओ बुधवार को खाड़ी पहुंचे। जहां गुस्साए लोगों ने उनका घेराव कर रोष जताते हुए कहा कि कई बार कहने पर भी विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने खाड़ी में प्रस्तावित विद्युत सब स्टेशन का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग की। नरेंद्रनगर के एसडीओ एसएस रावत ने कहा कि आपदा के कारण जगह-जगह लाइन में फॉल्ट आ गया है, जिससे दिक्कत आ रही है। उसमें सुधार कर व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सब स्टेशन के लिए भूमि चयन की कार्रवाई चल रही है। प्रदर्शनकारियों में जिला पंचायत सदस्य अनिल भंडारी, महावीर रौतेला, उमराव सिंह, धर्म सिंह मंद्रवाल, राजपाल गुसाईं, नरेंद्र रौतेला और बिजेंद्र सिंह आदि शामिल थे।