बाल संरक्षण आयोग की ओर से आयोजित नशा मुक्ति उन्मूलन और साइबर सेफ्टी को लेकर कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में बच्चे ही नशा और मादक पदार्थों के सेवन का सॉफ्ट टारगेट बन रहे हैं। जिसके लिए समाज में जागरूकता की आवश्यकता है।
सोमवार को बहुउद्देशीय भवन में कार्यशाला का बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी लगातार नशे की गिरफ्त में जा रही है जो खतरनाक है। आयोग के सदस्य विनोद कपरवाण ने कहा कि बच्चे सिर्फ सोशल साइट्स और मोबाइल पर समय व्यतीत न करें। उन्हें खेल और अन्य गतिविधियों को भी बराबर समय देना चाहिए। जिला प्रोबेशन अधिकारी सोहेब हुसैन ने बताया कि नुक्कड़ नाटक, कैंप लगाकर जागरूकता चला रहे हैं। इस मौके पर जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र रतूड़ी, विधिक अधिकारी सुखदेव बहुगुणा, महीपाल सिंह नेगी, अमिता रावत आदि मौजूद थे।