पुरोला। डोभालगांव बहुउद्देशीय सहकारिता समिति गंगाड़ (खरसाड़ी) का नैटवाड सहकारिता समिति में विलय को लेकर गड्डूगाड पट्टी के ग्रामीणों एवं राज्य आंदोलनकारी संगठन ने विरोध जताया है।
मोरी राज्य आंदोलनकारी अध्यक्ष विपिन चौहान की नेतृत्व में खरसाड़ी में हुई बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने डोभालगांव बहुउद्देशीय सहकारी समिति के नैटवाड़ समिति में विलय पर भारी रोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गडूगाड समिति मोरी ब्लॉक की सबसे बड़ी समिति है और सरकार के उक्त समिति के विलय लिया गया निर्णय समिति के शेयरधारकों के साथ अन्याय है। कहा कि इस संबंध में शेयर धारकों और जनप्रतिनिधियों ने सरकार को कई पत्र लिखे, लेकिन प्रक्रिया को रोकने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की।
समिति के सदस्यों ने बैठक में निर्णय लिया कि समिति के जिन शेयर धारकों और जनप्रतिनिधियों ने वार्ड सदस्य चुनाव के लिए नामांकन किया है, वह मंगलवार से पूर्व अपना नामांकन वापस लेंगे। बैठक में सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर वार्ड सदस्यों से चुनाव से नाम वापस लेने की अपील की गई। साथ ही सरकार से मांग की जब तक समिति को यथावत नहीं किया जाता, तब तक समिति के चुनाव निरस्त किए जाए।
बैठक में जयराम चौहान, राजेंद्र सिंह, विपिन सिंह, अनिल राणा, मनोज सिंह, एलम सिंह, विष्णु चरण, रणवीर सिंह, सत्ये सिंह, सुरेंद्र सिंह, अनिल पंवार, राजकुमार, चरण पंवार, सुरेश, अरुण सिंह, अर्जुन सिंह, विनोद कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद थे।