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गंगा जल और मिट्टी लेने चारो धाम रवाना हुए भक्त

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गजा क्षेत्र के घंटाकर्ण धाम में 12 नवंबर से तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जाएगा। घंडियाल डांडा क्वीली में नव निर्मित मंदिर के गर्भगृह की पूजा, अर्चना और हवन यज्ञ के लिए चारों धामों से मिट्टी और गंगा जल लेने के लिए बृहस्पतिवार से चार सदस्यीय दल रवाना हो गया।
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घंटाकर्ण धाम में दीपावली के अवसर पर प्रति वर्ष महायज्ञ आयोजन की परंपरा है। इस बार महायज्ञ का आयोजन 12 से 14 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। महायज्ञ में गर्भगृह की पूजा, अर्चना और हवन के लिए चारों धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ से मिट्टी और गंगा जल लाने के लिए चार दल बृहस्पतिवार को गजा से रवाना हो गया है। दल 31 अक्तूबर तक गजा लौटेगा। चारों धामों से मिट्टी और गंगाजल को नवनिर्मित मंदिर घंडियाल डांडा क्वीली में रखा जाएगा। मंदिर से अखंड ज्योति के लिए पिरोए गए तिलों के तेल, गंगा जल, मिट्टी से गर्भ गृह की पूजा की जाएगी। मंदिर समिति के सदस्य दिनेश प्रसाद उनियाल ने बताया कि छोटी दीपावली तक तीन दिनों तक भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। बताया कि घंटाकर्ण देवता के पश्वा कुलवीर सिंह सजवाण, सौंराल्या देवता के पश्वा ताजबीर सिंह खाती की देखरेख में गर्भ गृह में मूर्ति स्थापना होगी। गंगा जल और मिट्टी लेने के लिए विजय प्रकाश बिजल्वाण, ईश्वरी प्रसाद बिजल्वाण, मनोहरी लाल बिजल्वाण, बीर सिंह रावत, डा. जगमोहन सिंह सजवाण, कुलवीर सजवाण, मान सिंह चैहान, ताजवीर खाती, सुभाष सजवाण, दीपक बिजल्वाण अलग-अलग धामों के लिए रवाना हुए।
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