नई टिहरी। मत्स्य पालन विभाग की ओर से कोटेश्वर में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में मत्स्य पालकों को उत्पादन बढ़ाने, रोगों के निदान से लेकर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि ट्राउट, महाशीर, गोल्डन प्रजाति की मछलियां का उत्पादन स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण है। ऐसे में मत्स्य पालकों को सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर मत्स्य पालन करना चाहिए।
कोटेश्वर में प्रशिक्षण कार्यशाला के अंतिम दिन डॉ. उपेंद्र सिंह ने मत्स्य पालन की बारीकियां बताईं। कहा कि मछलियों में बीमारी होने पर तत्काल डॉक्टरों से परामर्श लें। मत्स्य निरीक्षक श्रवण कुमार ने बताया कि तालाब निर्माण और बीज के लिए अनुसूचित जाति, महिलाओं के 60 और सामान्य वर्ग को 40 फीसदी सब्सिडी दी जाती है। सहायक मत्स्य निदेशक गरिमा मिश्रा ने वर्चुअली प्रशिक्षण से जुड़कर मत्स्य पालन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने पर जोर दिया। इस मौके पर ट्राउट प्रचार प्रसारक पीएस नयाल, रामपाल, मंदीप सिंह और संजय सिंह मौजूद थे। संवाद