सीएम को भेजे ज्ञापन में मानकों के विपरीत चिन्हित करने का आरोप लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
नई टिहरी /नरेंद्रनगर। गजा नगर पंचायत क्षेत्र और आगराखाल के व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने के बहाने उत्पीड़न करने की कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया है। गजा में शहीद बेलमति चौहान स्मारक पर एकत्रित व्यापारी जुलूस के साथ तहसील पहुंचे। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों को परेशान करने का आरोप लगाया। उन्होंने सीएम को ज्ञापन भेजकर अनावश्यक कार्रवाई बंद करने की अपील की है।
गजा नगर पंचायत क्षेत्र में भी अतिक्रमण चिन्हित किया गया है जिससे व्यापारियों में नाराजगी है। कुछ दिनों बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने की भनक लगने पर व्यापारी मंगलवार को बेलमति चौहान स्मारक पर एकत्रित हुए। यहां हुई सभा में व्यापार सभा अध्यक्ष विनोद सिंह चौहान, कुंवर सिंह चौहान, जोत सिंह चौहान और गजेंद्र सिंह खाती ने कहा कि लोनिवि के मुताबिक राज्य मार्ग की चौड़ाई सात से नौ मीटर तक होनी चाहिए लेकिन प्रशासन इससे अधिक 10 मीटर तक निशान लगाकर उसे अतिक्रमण की श्रेणी में ले रहा है। प्रदर्शन कर ज्ञापन भेजने वाले व्यापारियों में मान सिंह चौहान, डीपी उनियाल, सूरज, विजय सिंह तडिय़ाल, उम्मेद सिंह पयाल, शैलेंद्र सिंह चौहान, यशपाल सिंह चौहान, रिटायर सूबेदार मनजीत सिंह नेगी, कुशवीर सिंह पुंडीर, जयप्रकाश कोठियाल शामिल थे।
दूसरी ओर, अतिक्रमण हटाने के विरोध में आगराखाल व्यापार मंडल ने धरना दिया। अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बंद करने की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य दयाल सिंह रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। धरने पर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कंडारी, वीरेंद्र कंडारी, डा.डीएन रतूड़ी, विकास रावत, भवान सिंह रावत, नरेंद्र कंडारी व नवीन रावत आदि बैठे रहे।
राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
नई टिहरी। वामपंथी दलों के पदाधिकारियों ने दैवी आपदा के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने और सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने के नाम पर की जा रही कार्यवाही को रोकने की मांग को लेकर धरना दिया। उन्होंन राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्यवाही करने की मांग की है।
मंगलवार को वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने सुमन पार्क में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन में सरकार पर आपदा प्रभावितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को दुर्भाग्य पूर्ण बताया। बताया कि उत्तराखंड में बारिश के कारण सड़क, पुल, रेल परियोजनाओं से लेकर व्यक्तिगत तौर पर लोगों की संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। लेकिन आपदा से नुकसान से निपटने के लिए राज्य और केंद्र सरकार ठोस कदम नहीं उठा रही है। कहा कि सरकार आपदा प्रभावितों की मदद करने के बजाय अतिक्रमण हटाने के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है। कहा कि सरकार तानाशाह पूर्ण रवैया अपनाकर लोगों के घरों और रोजीरोटी पर बुल्डोर चला रही है। कहा कि ऐसे प्रतिष्ठान और घरों को तोड़ा जा रहा है, जो सड़कों के निर्माण से पहले से ही बने हुए हैं। कहा इस कार्यवाही से कस्बाई बाजार वीरान हो गए हैं। उन्होंने राज्यपाल से आपदा प्रभावितों की मदद और अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही रोकने की मांग की। इस मौके पर सीपीआईएम के जिला सचिव भगवान सिंह राणा, सीपीआई के जिला सचिव विनोद सेमल्टी,जयप्रकाश पांडेय, सफर सिंह नेगी, श्रीपाल चौहान, दिला राणा मौजूद थे।