राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना के अधिकार में मांगी गई सूचनाएं समय पर नहीं देने पर टिहरी के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) एवं वर्तमान डायट प्राचार्य बड़कोट पर 25 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि एक माह के भीतर राजकोष में जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
बौराड़ी निवासी सुनील जुयाल ने 19 दिसंबर 2014 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय प्रारंभिक शिक्षा से वर्ष 2006 से 2014 तक प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति सूची मांगी थी, लेकिन आवेदनकर्ता को लोक सूचना अधिकारी ने केवल 2006 से 2010 की सूची ही उपलब्ध करवाई।
सूचना से असंतुष्ट आवेदक ने 28 जनवरी 2015 को अपीलीय अधिकारी/मुख्य शिक्षा अधिकारी से अपील कर संपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध करवाने को कहा। अपीलीय अधिकारी ने भी 13 मार्च 2015 को डीईओ को अपीलार्थी को सूचना के संबंध में शासनादेश की प्रमाणित प्रति एवं वर्ष 2011 से 14 की सूचनाएं देने के निर्देश दिए थे, लेकिन अपीलार्थी को फिर भी पूर्ण सूचनाएं नहीं दी गई। फिर अपीलार्थी ने 23 मार्च 2015 को द्वितीय अपील सूचना आयोग में की।
राज्य सूचना आयुक्त सुरेंद्र सिंह रावत के यहां हुई सुनवाई में कई बार डीईओ ने अपना प्रतिनिधि भेजा। इससे संतुष्ट नहीं होते हुए आयुक्त ने 10 दिसंबर 2015 को स्वयं लोक सूचना अधिकारी को मौजूद रहने को कहा था, जिसमें लोक सूचना अधिकारी उपस्थित तो हुए पर पदोन्नति संबंधी सूचना उपलब्ध नहीं करवाई गई।
सूचना आयुक्त ने 18 मार्च 2016 को अपील का निस्तारण करते हुए तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी टिहरी एवं डायट बड़कोट के प्राचार्य शिव प्रसाद सेमवाल पर 25 हजार का जुर्माना लगाते हुए एक माह के अंदर धनराशि को राजकोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं।